यहां से सीमा क्षेत्र से माणा पास करीब पांच किमी रह जाएगा। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया का कहना है कि मलारी से आगे भारतीय सेना की अंतिम चेकपोस्ट अपर रिमखिम तक सड़क पहुंच गई है। नीती पास और माणा पास तक सड़क निर्माण का कार्य जारी है।
वहीं, बॉर्डर क्षेत्र तक सड़कें पहुंचने से सेना के साथ ही सीमांत क्षेत्र में रहने वाले लोगों में भी उत्साह है। जोशीमठ के पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रकाश रावत, माणा गांव के प्रधान पीतांबर मोल्फा, मन्नू रावत और ठाकुर सिंह राणा का कहना है कि सीमा क्षेत्र में अभी तक सड़कों का अभाव था, जिससे जवानों को जरूरी सामग्री लेकर पैदल ही अग्रिम चौकी तक पहुंचना पड़ता था। अब सेना के वाहनों के साथ ही जरूरी सैन्य सामग्री को सीमा तक सुगमता से पहुंचाया जा सकता है।