कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक एम्स ऋषिकेश से डिस्चार्ज हो गए हैं। कोविड जांच में पॉजिटिव आने के बावजूद उनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं हैं। इस वजह से उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
पांच दिन एम्स में रहने के बाद बृहस्पतिवार को वह यमुना कॉलोनी स्थित अपने सरकारी आवास लौट आए हैं। वह अगले सात-आठ दिन यहां होम आइसोलेशन में रहेंगे। एम्स के डायरेक्ट प्रो.रविकांत ने कौशिक के डिस्चार्ज होने की पुष्टि की है। पिछले हफ्ते संक्रमित के संपर्क में आने के बाद कौशिक एहतियात के तौर पर हरिद्वार में एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गए थे। यहां उन्होंने कोरोना की एंटीजन जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
चिकित्सकों की सलाह पर उन्होंने कोविड का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया। इस बीच वह एम्स में भर्ती हो गए। दिल्ली से उनकी आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। एम्स में कराए गए टेस्ट की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई।
पॉजिटिव होने के बावजूद कौशिक में बीमारी के कोई लक्षण नहीं थे, वे पूरी तरह से स्वस्थ थे। उनके स्वास्थ्य को देखते हुए एम्स ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया है। बताया जा रहा है कि सात दिन बाद वह फिर अपना टेस्ट कराएंगे, रिपोर्ट नेगेटिव आने पर वह काम पर लौट आएंगे।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच रोगियों की अनदेखी का आरोप लगा रही कांग्रेस ने राजभवन से हस्तक्षेप की मांग की है। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही इस मामले में राज्यपाल से मिलेगा।
बृहस्पतिवार को कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी से मुलाकात कर कोविड रोगियों के लिए अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने की मांग की। स्वास्थ्य सचिव को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि रोज सैकड़ों की संख्या में बढ़ रहे संक्रमण के मामलों के कारण अस्पतालों में अब नए रोगियों के लिए जगह नहीं रह गई है। अस्पताल नए रोगियों को भर्ती करने में असमर्थता जता रहे हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले 28 हजार पार कर चुके हैं।
स्वास्थ्य सचिव ने लगातार हालात पर नजर रखने और व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। धस्माना ने बताया कि हालात के बेकाबू होने से चिंतित कांग्रेस अब इस मुद्दे को राज्यपाल के समक्ष भी उठाएगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के कुमाऊं दौरे से वापस लौटने के बाद कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलेगा।