प्रदेश में निजी पैथोलॉजी लैब में होने वाले कोविड सैंपल जांच की दरें कम हो सकते हैं। टेस्ट किट की कीमत घटने से शासन स्तर पर सैंपल जांच के रेट कम करने की प्रक्रिया चल रही है। जांच की दरें कम होने से कोरोना संदिग्ध लक्षण वाले लोगों को निजी लैब से जांच कराने में राहत मिलेगी।
प्रदेश सरकार ने 26 जून को निजी पैथोलॉजी लैब में कोविड सैंपल जांच के रेट तय किए थे। जिसमें सरकारी व निजी अस्पतालों से भेजे जाने वाले एक सैंपल की जांच दो हजार रुपये जीएसटी समेत और लैब की ओर से स्वयं लिए जाने वाले सैंपल की जांच के लिए 2400 रुपये प्रति सैंपल तय की थी।
वर्तमान में आरटी-पीसीआर टेस्ट किट और वीटीएम किट की कीमतें घटी है। उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों ने सैंपल जांच के रेट घटाकर 1600 रुपये प्रति सैंपल कर दिए हैं। अब प्रदेश सरकार भी सैंपल जांच रेट कम करने की तैयारी कर ही है। प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि कोविड सैंपल जांच की दरों को कम करने पर विचार किया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण के चलते कुछ दिन पहले दून अस्पताल से ठीक होकर घर लौटे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की तबीयत शुक्रवार को फिर बिगड़ गई। उन्हें दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां डॉक्टरों ने ब्लड प्रेशर बढ़ने और कमजोरी होने की दिक्कत बताई।
बता दें कि भगत कोरोना संक्रमण के चलते दून अस्पताल में भर्ती किए गए थे। जहां से उन्हें कुछ दिन पहले ही स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया था। शुक्रवार को उनकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी। जिस पर उन्हें दून अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत खतरे से बाहर है। फिर भी एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना ने इसकी पुष्टि की है।
पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर कार्यालय के एक कर्मचारी की कोरोना रिपोर्ट शुक्रवार को पॉजिटिव आई है, जिसके बाद देवस्थानम बोर्ड के कार्यालय को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं, मंदिर में भी श्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना पर रोक लगा दी गई है। श्रद्धालु बाहर गेट से ही दर्शन करेंगे। जबकि मंदिर के भीतर केवल पुजारी ही पूजा-अर्चना करेंगे। वहीं नगर पंचायत द्वारा मंदिर परिसर को सैनिटाइज किया जा रहा है।
बीते 8 सितंबर को मंदिर कार्यालय का एक कर्मचारी देहरादून से पहुंचा था। कर्मचारी ने स्वयं ही अपना सैंपल देकर जांच कराई, जिसमें वह संक्रमित मिला। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उसे कोटेश्वर स्थित माधवाश्रम अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।
संक्रमण के खतरे को देखते हुए देवस्थानम बोर्ड के ऊखीमठ कार्यालय को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है। साथ ही मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही भी रोक लगा दी गई है। देवस्थानम् बोर्ड के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी ने बताया कि संक्रमित कर्मचारी के संपर्क में आए अन्य कर्मचारियों के सैंपल स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पांचवें दिन लिए जाएंगे। साथ ही उन्हें सात दिन के क्वारंटीन में रखा गया है।
एहतियात के तौर पर मंदिर को एक सप्ताह के लिए बंद किया गया है। इस दौरान श्रद्धालुओं के पूजा-अर्चना पर रोक लगाई गई है। सिर्फ पुजारी ही मंदिर में पूजा-अर्चना कर सकेंगे। इधर, जिले में कोरोना संक्रमण के पांच और केस आए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। सीएमओ डा. विंधेश कुमार शुक्ला ने बताया कि सभी संक्रमितों की कांटेक्ट व ट्रेवल हिस्ट्री की जानकारी प्राप्त की जा रही है।