ऐसे में मरीजों को खुद ही अपने स्तर पर दवाइयां खरीदकर इलाज करना पड़ रहा है। दूसरी ओर नोडल अधिकारी का कहना है कि कई कोरोना संक्रमित मरीजों द्वारा जांच के समय नाम, पते गलत दर्ज कराए जाने की वजह से उन्हें दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं।
आरटीपीसीआर और एंटीजन टेस्ट में कोरोना संक्रमित पाए जाने के बावजूद राजधानी के कई मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुहैया कराई जाने वाली कोरोना किट मिल पा रही है। ऐसे में मरीजों को खुद ही अपने स्तर पर दवाइयां खरीदकर इलाज करना पड़ रहा है। दूसरी ओर नोडल अधिकारी का कहना है कि कई कोरोना संक्रमित मरीजों द्वारा जांच के समय नाम, पते गलत दर्ज कराए जाने की वजह से उन्हें दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं।
बता दें कि आरटीपीसीआर, एंटीजन टेस्ट में कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से इलाज के लिए दवाइयों की किट मुहैया कराई जा रही है। मरीजों को कोरोना किट मिल सके, इसके लिए सरकार, शासन के निर्देश पर एसडीआरएफ की कई टीमों को लगाया गया है।
लेकिन कई कोरोना संक्रमित मरीजों का साफ कहना है कि कोरोना की पुष्टि होने के बावजूद अभी तक उन्हें दवा की किट नहीं मिल पाई है। यह स्थिति तब है जबकि सरकार, शासन की ओर से इस बात के स्पष्ट दिशानिर्देश हैं कि प्रत्येक मरीज को स्वास्थ विभाग की ओर से इलाज को कोरोना किट मुहैया कराई जाए ।जिसमें पर्याप्त दवाइयां मौजूद हैं।
इस संबंध में जब नोडल अधिकारी डॉक्टर दिनेश चौहान से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज की किट मुहैया हो इसके लिए हरसंभव कदम उठाए गए हैं। सभी कोरोना जांच केंद्रों पर ही कोरोना किट और बूस्टर किट उपलब्ध कराई गई है। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया जाता है तो मौके पर ही उसे कोरोना किट मुहैया कराई जा रही है।
यदि एंटीजन टेस्ट में कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आती है तो संबंधित व्यक्ति को मौके पर ही बूस्टर मुहैया कराया जा रहा है। इतना ही नहीं प्रत्येक कोरोना संक्रमित मरीज को कोरोना किट मिल सके इसके लिए एसडीआरएफ की मदद ली जा रही है।
इतना ही नहीं नोडल अधिकारी डॉक्टर दिनेश चौहान का यह भी कहना है कि जांच के समय तमाम ऐसे मरीज हैं जो गलत नाम पते दर्ज करवा रहे हैं। लिहाजा ऐसे मरीजों को कोरोना किट पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं। समस्या से निपटने को लेकर कोरोना जांच केंद्रों के अधिकारियों, कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि वे जांच के समय मरीजों का नाम पता सही तौर पर अंकित करें। फिलहाल देहरादून में प्रतिदिन औसतन 1500 संक्रमित मरीजों को कोरोना किट का वितरण किया जा रहा है