दिनांक -देहरादून - नैनीताल - हरिद्वार - यूएसनगर
14 मई - 1583 - 531 - 844 - 692
15 मई - 1423 -1037 - 464 - 384
16 मई - 1248 - 117 - 572 - 393
17 मई - 752 - 106 - 462 - 410
18 मई - 1226 - 442 - 555 - 372
(स्रोत : स्वास्थ्य विभाग का बुलेटिन)
1 से 18 मई तक पहाड़ में मामले बढ़े
जनपद - मामले
टिहरी - 6299
पौड़ी - 5961
उत्तरकाशी- 5562
चमोली- 4143
चंपावत - 2969
अल्मोड़ा - 3864
पिथौरागढ़ - 3047
बागेश्वर - 2092
रुद्रप्रयाग - 3357
प्रदेश सरकार कोविड कर्फ्यू के नतीजों को लेकर खासी आश्वस्त है। शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल कहते हैं कि कोविड कर्फ्यू के नतीजे कुछ दिनों में दिखने लगेंगे। सख्ती, नियमों में बदलाव और लोगों के सहयोग से संक्रमण की दर में धीरे-धीरे कमी आ रही है।
मैदानी जिलों में संक्रमण में कमी आएगी तो अस्पतालों पर दबाव कम होगा। पहाड़ में कोरोना संक्रमण के उन गंभीर रोगियों को इसका फायदा होगा, जिन्हें एम्स या दून अस्पताल में इलाज की जरूरत है। उन्हें आसानी से बेड मिल सकेंगे।
प्रदेश में पिछले 18 दिनों कोरोना संक्रमितों के 115718 मामले आए हैं। मैदानी जिलों में कुल संख्या के 68 फीसदी मामले हैं। जबकि 32 फीसदी मामले पहाड़ में हैं। मैदानी जिलों में मामले कम होने से इसका परोक्ष लाभ पहाड़ को स्वास्थ्य सुविधाओं की सुलभता के लिए रूप में मिल सकता है। बेड को लेकर मारामारी कम होगी।
- अनूप नौटियाल, संस्थापक, एसडीसी फाउंडेशन