महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री ने कहा कि कोरोना मरीजों के रजिस्ट्रेशन फार्म में अलग से एक कॉलम बनाने की तैयारी है। जिसमें मरीज के अस्पताल में भर्ती होते ही उनके बच्चों का विवरण दर्ज किया जाएगा। साथ ही यह भी तय किया जाएगा कि यदि कोई अनहोनी हो जाए तो बच्चों को किसके सुपुर्द किया जाए।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि इसके लिए स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखा जा रहा है। इसके पीछे सरकार की यह मंशा है कि किसी तरह की अनहोनी होने पर बच्चों की सही से देखभाल हो सके और बच्चे गलत हाथों में न जाए।
इन योजनाओं से भी मिलेगी मदद
अपने माता-पिता या फिर दोनों में से किसी एक को खो चुके जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए सरकार की आरे से स्पांसरशिप योजना, पोषण देखभाल सहित कई अन्य योजनाएं चलाई जा रही है। स्पांसरशिप योजना के तहत बच्चों की देखभाल करने वाले उसके रिश्तेदारों को दो हजार रुपये प्रति महीने सरकार की ओर से दिए जाते हैं। विभागीय राज्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों की देखभाल के लिए सरकार की ओर से अपील भी जारी की जा रही है।
बाल आयोग की ओर से उठाए जा रहे कदम
कोरोना महामारी की वजह से बनी मुश्किल की इस घड़ी में जरूरतमंद बच्चों की देखभाल के लिए बाल आयोग की ओर से भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी के मुताबिक यह ऐसा समय है, जब बहुत सारे ऐसे असामाजिक तत्व और गिरोह सक्रिय हो जाते हैं, जो नाबालिग बालक व बालिकाओं से सहानुभूति जताते हुए ह्यूमन ट्रैफिकिंग कर कई तरह के लाभ उठाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आयोग ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा है।