प्रदेश में रोजाना कोरोना संक्रमित मामले आने से संक्रमण की दर बढ़ी है। बीते 15 दिनों के भीतर प्रदेश की संक्रमण दर में 0.73 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। नैनीताल जिले में सबसे अधिक संक्रमण दर 7.05 प्रतिशत है। वहीं, रुद्रप्रयाग जिले में सबसे कम संक्रमण दर 1.61 प्रतिशत है।
प्रदेश में सवा करोड़ की आबादी पर अब तक 1.45 लाख कोविड सैंपलों की जांच की गई है। इसमें 6800 से अधिक कोरोना संक्रमित मामले पाए गए। पिछले दो सप्ताह से रोजाना कोरोना संक्रमित मामले बढ़ने से प्रदेश की संक्रमण दर बढ़ी है। नैनीताल जिले में 14807 सैंपलों की जांच कर 1044 संक्रमित मिले हैं। पूरे प्रदेश में संक्रमण दर में नैनीताल जिला पहले स्थान पर है।
बीत 15 दिनों में हरिद्वार जिले में संक्रमण दर 3.5 प्रतिशत से बढ़ कर 6.73 प्रतिशत पहुंच गई है। इसी तरह ऊधमसिंह नगर जिले की 3.97 प्रतिशत से बढ़ कर 5.81 प्रतिशत, देहरादून जिले की 3.73 प्रतिशत से बढ़ कर 4.62 प्रतिशत हो गई है।
कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि पर्वतीय जिलों की तुलना में मैदानी जिलों में सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण की दर अधिक है। चंपावत, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में संक्रमण की दर 2.0 प्रतिशत से कम है।
देहरादून जिले में बृहस्पतिवार को कोरोना के 74 मामले सामने आए। इसमें सेलाकुई की फार्मा कंपनी के 23 कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा सेना के पांच और आईटीबीपी के तीन जवान कोरोना पॉजिटीव पाए गए हैं। वहीं, राजपुर रोड स्थित कमल ज्वैलर्स में छह और कर्मचारी कोरोना पॉजिटीव पाए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि सेलाकुई क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के पूर्व में आए मामलों को देखते हुए उनके करीबी संपर्क में आए लोगों का कोरोना एंटीजन टेस्ट किया गया। जिसमें से एक फार्मा कंपनी के 23 कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके अलावा भीड़भाड़ में शामिल होने वाले अन्य लोगों में भी कोरोना संक्रमण पाया गया है।
पुलिस की मदद से स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों और उनके परिचितों का पता लगा रहा है। जल्द ही उनको भी चिन्हित कर उनके सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे। ताकि कोरोना संक्रमण की गति को रोका जा सके और कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को उचित उपचार दिलाया जा सके। इसके अलावा बृहस्पतिवार को सेना के पांच और आईटीबीपी के तीन जवान भी कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए हैं।
सीएमओ डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि सेना के ये जवान और तीन आईटीबीपी के जवान विभिन्न शहरों से लौटे हैं। उनकी जांच कराई गई तो कोरोना संक्रमण पाया गया। इसके अलावा आठ ऐसे लोग हैं जो दून अस्पताल में पहले से ही भर्ती थे। वहीं, निजी लैब के पांच मरीज पॉजिटिव आए हैं। तीन मरीज ऐसे हैं जो जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर जांच मैं कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके अलावा विकासनगर में 10 अन्य लोगों में कोरोना वायरस पाया गया है।
वहीं, एस्लेहॉल स्थित कमल ज्वेलर्स के छह और कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी कमल ज्वेलर्स के मालिक समेत अन्य कर्मचारियों में भी कोरोना संक्रमण पाया गया है जिसके चलते कमल ज्वैलर और उसके आसपास की दुकानों को एहतियात के तौर पर बंद किया गया था। सभी को एसीएमओ डॉ. यूएस चौहान और डॉ. रचित गर्ग की टीम देर रात तक दून अस्पताल में भर्ती करा रही थी।
देहरादून जिले में बृहस्पतिवार को कोरोना पॉजिटीव मरीजों की संख्या 1600 पार पहुंच गई। इनमें से 1072 मरीज कोरोना से जंग जीतकर अपने घर लौट चुके हैं। 465 मरीजों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। 41 मरीजों की इलाज के दौरान मृत्यु हो चुकी है। 26 मरीज ऐसे रहे जो कि यहां से दूसरे जिलों या राज्यों को पलायन कर चुके हैं। देहरादून जिले में अभी तक 35308 लोगों के कोरोना सैंपल जांच को भेजे जा चुके हैं, जिनमें से 32353 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। केवल 98 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है।
पटियाला से लौटे वकील को हुआ कोरोना
पटियाला से लौटे एक वकील में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। हालांकि वह बीते 16-17 दिन से कोर्ट परिसर नहीं आए थे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने बताया कि वह अपने घर पर ही रह रहे थे। लिहाजा, अभी कोई खतरे की बात नहीं है। बावजूद इसके शुक्रवार को जिला जज से मुलाकात कर इस बारे में बताया जाएगा। बार एसोसिएशन के सचिव अनिल शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी से बात कर सैनिटाइजेशन भी कराया जाएगा। साथ ही उस स्थान को सील कराने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।