चीन और वियतनाम सहित कई देशों में दवाएं बनाने और मांस के लिए इनकी बहुत डिमांड है। पैंगोलिन की त्वचा का ऊपरी शल्क केरेटिन से बनी होती है। माना जाता है कि बहुत सी बीमारियों के इलाज में इसकी मदद ली जा सकती है।
एक साल में खाता है सात करोड़ चींटियां
जानकार बताते हैं कि पैंगोलिन चींटिया खाते हैं। एक अनुमान के अनुसार एक पैंगोलिन साल में करीब सात करोड़ चींटियां खा लेता है। वो चींटियां जो फसलों के लिए नुकसान पहुंचा सकती हैं। साथ ही बड़े पशुओं के लिए भी बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती हैं। इसलिए पैंगोलिन को पर्यावरण एवं जैव विविधता के लिए बहुत जरूरी बताया जाता है।