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Corona in Uttarakhand: होम आइसोलेशन में रह सकेंगे संक्रमित, लेकिन इन नियमों का पालन करना होगा जरूरी

Mon, 10 Aug 2020 09:37 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • कोरोना संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन की एसओपी जारी
  • जिस घर में पहले से अन्य बीमारी के गंभीर मरीज हैं, उनमें नहीं मिलेगी आइसोलेशन की अनुमति
  • 10 दिन की होगी होम आइसोलेशन की अवधि, नियमों का करना होगा पूरी तरह से पालन
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों को अब घर पर इलाज करने की सुविधा मिल गई है। सरकार के निर्णय के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को होम आइसोलेशन की एसओपी जारी कर दी है। जिस घर में 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, गर्भवती महिला, 10 साल से कम आयु के बच्चे या अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीज रह रहे हैं, उन घरों में संक्रमित मरीज को होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं दी जाएगी। 

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सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी की ओर से होम आइसोलेशन की एसओपी जारी की गई है। होम आइसोलेशन के लिए उसी संक्रमित मरीज को अनुमति दी जाएगी। जिसे इलाज करने वाले डॉक्टर ने एसिंप्टोमेटिक (लक्षण रहित) मरीज के रूप में चिन्हित किया हो। होम आइसोलेशन में संक्रमित मरीज की 24 घंटे देखभाल के लिए घर में एक व्यक्ति उपलब्ध होना चाहिए।


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वहीं, मरीज के लिए घर में एक अलग कमरा, टॉयलेट की व्यवस्था जरूरी है। संक्रमित मरीज को आरोग्य सेतु एप और स्वास्थ्य विभाग के आइसोलेशन एप को अपने मोबाइल पर अनिवार्य रूप से डाउनलोड करना होगा। जिला स्तर पर मुख्य चिकित्साधिकारी ओर से गठित टीम होम आइसोलेशन की व्यवस्था का निरीक्षण करेगी। जिसके बाद ही संक्रमित मरीज को होम आइसोलेशन पर भेजा जाएगा। 

विभाग से मिलेगी ये सुविधाएं

कोरोना संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन होने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक पल्स ऑक्सीमीटर (जो आइसोलेशन पूर्ण होने वापस लौटाना होगा), एक मर्करी थर्मामीटर, 50 ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क, 100 मिलीलीटर सैनिटाजर, विटामिन सी-15 गोली, विटामिन डी-3 के दो पैकेट, पैरासिटामोल की 10 गोली, बायोमेडिकल डिस्पोजल के लिए पॉलीथिन बैग के साथ ही डॉक्टरों की ओर से संक्रमित मरीजों को दी जाने वाली दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। 

10 दिन की होगी होम आइसोलेशन की अवधि
संक्रमित मरीज के लिए घर पर ही आइसोलेट रहने की अवधि 10 दिन की होगी। सात दिन के बाद तीन दिन तक बुखार न आने की स्थिति में ही आइसोलेशन का समय समाप्त होगा। होम आइसोलेशन समाप्त होने पर सैंपल टेस्ट कराने की आवश्यकता नहीं होगी। होम आईसोलेशन के नियमों का पालन न करने या हालत गंभीर होने पर मरीज को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।
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होम आइसोलेशन में यह करना होगा जरूरी 

- होम आइसोलेशन की अवधि में परिवार से अलग कमरे में रहना होगा।
- हर समय ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क पहन कर रखना होगा।
- नियमित रूप से शरीर की सफाई करनी होगी। 
- संक्रमित मरीज के टॉयलेट को परिवार का अन्य सदस्य इस्तेमाल नहीं करेगा।
- सुबह और शाम को शरीर का तापमान मापना होगा।
- बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ होने पर तत्काल जिला स्तर पर कंट्रोल रूम को बताएं। 
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