देहरादून शहर और नगर निगम के अधिकांश क्षेत्रों में तो कोरोना संक्रमण को लेकर काफी कुछ किया जा रहा है, लेकिन दून से सटे ग्रामीण क्षेत्रों की न तो सरकार सुध ले रही है और न ही जिला प्रशासन। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसके अलावा यहां कोविड नियमों का भी पालन नहीं हो रहा है, बावजूद इसके भी कोई सुध लेने को तैयार नहीं है।
राजधानी के शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। आलम यह है कि हर दिन बड़ी संख्या में कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं और मौतें हो रही हैं। जिला प्रशासन के साथ ही नगर निगम अपने क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन, सैंपलिंग, कोरोना नियमों का पालन आदि करवाने के साथ ही अन्य तमाम सुविधाएं दे रहा है। लेकिन दून से सटे ग्रामीण क्षेत्रों और नगर निगम से जुड़े कई ग्रामीण इलाकों की कोई सुध नहीं ले रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में दिन-प्रतिदिन कोरोना का संकट गहरा रहा है, लेकिन न तो सरकार और न ही जिला प्रशासन का ध्यान इन क्षेत्रों में जा रहा है।
शहर से सटे अंबीवाला, ठाकुरपुर, शुक्लापृर, लक्ष्मीपुर, चायबागान क्षेत्र, उम्मेदपुर, देवीपुर, परवल, संजय कॉलोनी, मोतीपुर, बनियावाला, पीताम्बर पुर, शिमला बाई पास के नया गांव भुड्डी सहित कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां बड़ी संख्या में कोरोना मरीज सामने आ चुके हैं और कोरोना संक्रमितों की मौतें भी हो चुकी हैं, लेकिन इसके बाद भी यहां सैनिटाइजेशन, सैंपिलिंग आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
जबकि शहर में एक मरीज के कोरोना संक्रमित मिलने पर तत्काल क्षेत्र में सैनिटाइजेशन, सैंपलिंग और यहां तक की उस क्षेत्र को कंटेंनमेंट जोन घोषित किया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि सरकार को चाहिए वह नगर निगम की तर्ज कर ग्राम पंचायतों में भी सैनिटाइजेशन की व्यवस्था कर सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं और संक्रमितों की मौत भी हो रही हैं, लेकिन इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन, सैंपलिंग आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। सरकार को चाहिए कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में भी ध्यान दे। जिला प्रशासन ग्राम पंचायतों को आदेश दे कि वे अपने क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन आदि की व्यवस्था करें। इसके लिए अलग से बजट की व्यवस्था की जाए।
- मंजू नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य, अंबीवाला