आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) से सेवानिवृत्त सेवानिवृत्त होने के बाद भी डॉ. अनिल पांडे शोध कार्यों में सक्रिय थे। तारा समूहों और तारा गुच्छों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि थी।
उनकी सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते छह माह में उनके चार शोध संबंधी लेख अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने डीएसबी परिसर से पढ़ाई के बाद एरीज जैसे केंद्रीय वैज्ञानिक संस्थान में शीर्ष पद पर पहुंचकर नाम कमाया।
राष्ट्रीय विज्ञान एकादमी के फैलो रहे डॉ. पांडे तरुण वैज्ञानिक पुरस्कार व विक्रम साराभाई अवार्ड से भी सम्मानित हुए। इसके अलावा भी उन्हें कई पुरस्कार प्राप्त हुए।
उनके 150 से अधिक शोध पत्र विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए। एरीज के निदेशक दीपांकर बनर्जी, वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडेय समेत एरीज के अन्य वैज्ञानिकों ने भी उनके निधन पर दुख जताया है।