डॉक्टर उसका इलाज कर रहे थे। शनिवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया। बताया कि परिजनों के इंतजार में शव दो दिन तक पीपीई किट में बंधा रहा।
परिजन नहीं पहुंचे तो शव से दुर्गंध आनी शुरू हो गई थी। मंगलवार को तीसरे दिन शव श्मशान घाट पहुंचाया गया। जहां भाई ने उसका अंतिम संस्कार किया।
कोरोना संक्रमित मृतक का भाई बरेली आर्मी कैंप में तैनात है। बुधवार को मृतक की जेब में मिले एक नंबर से उनसे संपर्क हो पाया। इसके बाद मृतक का भाई बरेली से रुद्रपुर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा और भाई के शव को किच्छा हाईवे स्थित श्मशान घाट ले गया।
किच्छा हाईवे स्थित श्मशान घाट भूमि के प्रबंधक सुभाष छाबड़ा ने बताया कि उन्हें सोमवार देर शाम एक अधिकारी व नगर निगम कर्मी का फोन आया था।
दोनों ने बताया कि एक कोरोना संक्रमित का शव पोस्टमार्टम हाउस में सड़ रहा है। उसका अंतिम संस्कार होना है। सोमवार आधी रात तक वे संक्रमित के अंतिम संस्कार के लिए इंतजार करते रहे।
कोरोना संक्रमित मृतकों का पोस्टमार्टम प्रोटोकॉल के तहत किया जाता है। अज्ञात लोगों की कोरोना से मौत होने पर पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से उनका अंतिम संस्कार करता है। पोस्टमार्टम में रखे गए शव से दुर्गंध आने की जानकारी मिली थी। कोतवाली पुलिस को मौके पर भेजा गया तो शव अंतिम संस्कार के लिए जा चुका था।
- डीएस कुंवर, एसएसपी