फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमर उजाला एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड में कोरोना की आयुर्वेदिक दवा का ट्रायल अटका

Wed, 16 Sep 2020 11:42 AM IST
अलका त्यागी आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय पौड़ी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजेश अदाना ने बनाई है औषधि
  • केंद्र व राज्य सरकार ने दी ट्रायल करने की अनुमति, दून मेडिकल कॉलेज में लटका प्रस्ताव
  • केवल कोविड मरीजों पर ही किया जा सकता है ट्रायल, पूरे प्रदेश से एकमात्र चयनित प्रोजेक्ट
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना के आयुर्वेदिक इलाज का दावा करने वाली उत्तराखंड की औषधि को केंद्र व राज्य सरकार ने तो ट्रायल की अनुमति दे दी, लेकिन दून मेडिकल कॉलेज में मामला लटक गया। नियमों के पेच में दो महीने से ट्रायल लटका हुआ है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दवाई बनाने वाले डॉ. राजेश अदाना को नियमों की एक और फेहरिस्त थमा दी है, जिससे वे मायूस हैं।

विज्ञापन


दरअसल, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय पौड़ी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजेश अदाना ने कोविड के लक्षणों का उपचार करने वाली तीन आयुर्वेदिक दवाओं के मिश्रण से यह दवाई तैयार की है। उन्होंने अपना प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया था। चयनित होने वाला उनका प्रस्ताव प्रदेश का एकमात्र है। 


डॉ. अदाना ने बताया कि इसके बाद उन्होंने प्रदेश के आयुष विभाग से ट्रायल की अनुुमति मांगी, जो स्वीकार हो गई। चूंकि एलोपैथिक इलाज वाले अस्पताल में ही ट्रायल हो सकता है, इसलिए उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य विभाग से अनुमति मांगी।
विज्ञापन


इस पर दून मेडिकल कॉलेज में ट्रायल की अनुमति दी गई। उन्होंने दून मेडिकल कॉलेज से संपर्क साधा तो उन्होंने मामला अपनी एथिकल कमेटी को भेज दिया। एथिकल कमेटी ने यह मामला डायरेक्टरेट ऑफ हेल्थ रिसर्च को भेज दिया।

Trending Videos
विज्ञापन

औषधि के ट्रायल की अनुमति नहीं मिल पाई

इसके बाद दो महीने का इंतजार पूरा हो गया लेकिन उन्हें औषधि के ट्रायल की अनुमति नहीं मिल पाई है। उनका कहना है कि आयुष प्रदेश से कोरोना के इलाज की एकमात्र चयनित औषधि को अगर अनुमति मिल जाती तो प्रदेश के हाथ एक बड़ी कामयाबी लग सकती थी।

क्या है कोरोना के इलाज की औषधि
डॉ. राजेश अदाना ने बताया कि वैसे तो आयुर्वेद में कोरोना का कहीं जिक्र नहीं है, लेकिन कोरोना के लक्षणों के इलाज के लिए तीन औषधियां हैं जो सेफ ड्रग यानी क्लासिकल ड्रग मानी जाती हैं। इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है। इनकी पूरी जानकारी चरक संहिता में दी गई है। इन तीनों दवाओं के मिश्रण से ही उन्होंने दवा तैयार की है। उनका मानना है कि इससे कोरोना पर काबू पाया जा सकता है।

डॉ. राजेश अदाना के प्रपोजल को हमने अपनी एथिकल कमेटी को भेजा था। इसके बाद डायरेक्टरेट को मामला भेजा गया था। वहां से कुछ जानकारियां और मांगी गई हैं। जब तक सभी औपचारिकताएं पूरी नहीं की जाएंगी, हम ट्रायल की अनुमति नियमानुसार नहीं दे सकते हैं।
-डॉ. आशुतोष सयाना, प्रिंसिपल, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें