इसके बाद दो महीने का इंतजार पूरा हो गया लेकिन उन्हें औषधि के ट्रायल की अनुमति नहीं मिल पाई है। उनका कहना है कि आयुष प्रदेश से कोरोना के इलाज की एकमात्र चयनित औषधि को अगर अनुमति मिल जाती तो प्रदेश के हाथ एक बड़ी कामयाबी लग सकती थी।
क्या है कोरोना के इलाज की औषधि
डॉ. राजेश अदाना ने बताया कि वैसे तो आयुर्वेद में कोरोना का कहीं जिक्र नहीं है, लेकिन कोरोना के लक्षणों के इलाज के लिए तीन औषधियां हैं जो सेफ ड्रग यानी क्लासिकल ड्रग मानी जाती हैं। इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है। इनकी पूरी जानकारी चरक संहिता में दी गई है। इन तीनों दवाओं के मिश्रण से ही उन्होंने दवा तैयार की है। उनका मानना है कि इससे कोरोना पर काबू पाया जा सकता है।
डॉ. राजेश अदाना के प्रपोजल को हमने अपनी एथिकल कमेटी को भेजा था। इसके बाद डायरेक्टरेट को मामला भेजा गया था। वहां से कुछ जानकारियां और मांगी गई हैं। जब तक सभी औपचारिकताएं पूरी नहीं की जाएंगी, हम ट्रायल की अनुमति नियमानुसार नहीं दे सकते हैं।
-डॉ. आशुतोष सयाना, प्रिंसिपल, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज