मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में हर जिला अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन और उसे संचालित करने के लिए प्रशिक्षित मैनपावर हो। टेस्टिंग को बढ़ाने की जरूरत है।
टीकाकरण केंद्रों में वैक्सीन की कमी न हो
कोविड के टीकाकरण के लिए वैक्सीन की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता हो। यह देखा जाए कि सभी वैक्सीनेशन केंद्रों पर कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन हो।
कोविड डाटा की रियल टाइम एंट्री जरूरी
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि कोविड से संबंधित डाटा की रीयल टाइम एंट्री हो। इसमें किसी तरह की लापरवाही न हो। अगर कहीं पर आईसीयू संचालित न हो तो उसे संचालित किया जाए और इसके लिए जरूरी होने पर प्रशिक्षित मैनपावर की नियुक्ति कर ली जाए।
ऑक्सीजन डिमांड के आकलन की करें तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन का सही तरीके से उपयोग हो। इसका नियमित ऑडिट हो। अगले एक माह, दो माह और तीन माह बाद कितनी ऑक्सीजन और ऑक्सीजन सिलिंडरों की आवश्यकता हो सकती है, इसका आकलन करते हुए अभी से तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं। ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स में स्किल्ड लोग तैनात हों।
ब्लैक फंगस के लिए जरूरी दवाइयां उपलब्ध हों
ब्लैक फंगस के लिए जरूरी दवाइयों की उपलब्धता देख ली जाए।
कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई हो
ओवर चार्जिंग और ब्लैक मार्केटिंग में संलिप्त लोगों पर कङी कार्रवाई की जाए। आक्सीजन सिलिंडर की जमाखोरी को रोकने की जरूरत है। फ्लाइंग स्क्वाड ने अस्पतालों की नियमित मानिटरिंग हो।
तीसरी लहर की तैयारी में लापरवाही नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की संभावित तीसरी लहर की तैयारी में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हमें अभी से पुख्ता तैयारियां भी करनी हैं। इसमें बच्चों को लेकर विशेष फोकस करना होगा। तीसरी लहर की तैयारी फुल प्रूफ हो।
पहाड़ में कोरोना को फैलने से रोकना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड को पर्वतीय क्षेत्रों में फैलने से रोकना होगा। इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएं। गांव-गांव में जन जागरूकता अभियान चलाए जाएं। कोविड से लड़ाई में धन की कोई कमी नहीं है।
वैक्सीन के लिए ग्लोबल टेंडर की प्रक्रिया शुरू
वैक्सीन के लिए ग्लोबल टैंडरिंग की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पूरी कोशिश की जा रही है कि वैक्सीन की पूरी उपलब्धता हो।