मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : पीटीआई (file photo)
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश के सभी नागरिकों की स्क्रीनिंग होगी। आंगनबाड़ी, ग्राम सभाएं और आशा वर्कर स्क्रीनिंग का काम करेंगे। स्क्रीनिंग में अगर किसी में लक्षण आता है तो व्यक्ति का कोरोना टेस्ट करवाया जाएगा। सबसे ज्यादा फोकस बच्चों और बुजुर्गों को लेकर रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दस हजार आशाएं और 18 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। यह सभी इस काम में जुटेंगे। दस दिनों में स्क्रीनिंग का काम पूरा करने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिया गया है। जितनी ज्यादा स्क्रीनिंग होगी, उतना ही कोरोना को कंट्रोल किया जा सकेगा।
सीएम ने कहा कि स्क्रीनिंग समय समय पर करवाई जाएगी। अभी अधिकांश केस उत्तराखंड लौटे प्रवासियों के सामने आए हैं। सैंपल टेस्टिंग को तेज करने के लिए निर्देश दिए हैं। ऐसा अनुमान है कि 15 से बीस दिनों में स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी।
सामुदायिक संक्रमण के अभी हालात नहीं बने हैं। ऐसे में कंटेनमेंट जोन पर सरकार सबसे ज्यादा नजर रख रही है। इसके साथ ही गंभीर संक्रमण वाले शहरों का चिन्हिकरण किया गया है। वहां से आने वालों के लिए संस्थागत और होम क्वारंटीन की व्यवस्था है।