इससे ज्यादा बड़ी बात बच्चों के उपचार के लिए अस्पताल, कोविड केयर सेंटर में उचित व्यवस्था करने की है। बच्चों को वार्ड में अकेले नहीं छोड़ा जा सकता है। ऐेसे में वार्ड किस तरह के होंगे यह तय करना होगा। साथ ही अभिभावकों की भूमिका को लेकर सरकार को नई एसओपी जारी करनी पड़ सकती है।
अभी 18 वर्ष से अधिक के आयुवर्ग में टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है। सरकार को बच्चों के टीकाकरण को लेकर भी फैसला करना होगा। यह सब तीसरी लहर से पहले किया जाना जरूरी है।
तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने की बात की जा रही है। पहली लहर में वरिष्ठ नागरिक अधिक प्रभावित हुए थे। दूसरी लहर में युवा वर्ग पर अधिक प्रभाव पड़ा। अब तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने की बात की जा रही है। सरकार को इस तीसरी लहर का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि तुरंत तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। कम से कम एसओपी, बुनियादी सुविधाएं समय रहते जुटा लेनी चाहिए।
- अनूप नौटियाल, संस्थापक कम्यूनिटी फॉर सोशल डेवलपमेंट
सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है और दून मेडिकल कॉलेज के कम्यूनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. देवव्रत रॉय से सुझाव मांगे गए हैं। सुझावों के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जाएगी और जरूरी फैसले लिए जाएंगे।
- पंकज पांडे, सचिव स्वास्थ्य