कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग जांच बढ़ाने का दावा कर रहा है, लेकिन कोविड के संदिग्ध लक्षणों के आधार पर प्रयोगशाला भेजे गए सैंपल की जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा लगातार बढ़ रही है। 16 हजार से ज्यादा सैंपल की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। ऊधमसिंह नगर, चंपावत और नैनीताल जिले में सैंपलों का बैकलॉग सबसे अधिक है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मरीज मिलने के बाद से अब तक 9.50 लाख से ज्यादा सैंपल की जांच की जा चुकी है। इसमें 60 हजार से अधिक कोरोना संक्रमित मामले मिले हैं। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार का सैंपल जांच बढ़ाने पर फोकस है। विभाग की ओर से सरकारी और निजी पैथोलॉजी लैब में प्रतिदिन औसत 10 हजार सैंपल की जांच की जा रही है। साथ ही सैंपल की प्रतीक्षा भी लगातार बढ़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार ऊधमसिंह नगर जिले में 4378, चंपावत जिले में 3291, पिथौरागढ़ में 2897, देहरादून में 1607, हरिद्वार में 1056, टिहरी में 1271, उत्तरकाशी में 991, बागेश्वर में 302, अल्मोड़ा में 120, पौड़ी में 210, पिथौरौगढ़ में 476, रुद्रप्रयाग में 101, चमोली में 146 सैंपल प्रतीक्षा में हैं।