मौजूदा समय में जिले में 12 बीमारियों का वैक्सीनेशन किया जाता है। इनमें गर्भवती महिलाओं को टिटनेस और डिप्थेरिया व नवजात बच्चों को बीसीजी, पेंटा, रोटावायरस, निमोकोकल, एमआर, पोलियो जैसी वैक्सीन दी जाती है। कोविड वैक्सीनेशन अभियान मौजूदा टीकाकरण अभियान के साथ ही चलेगा। ऐसे में भंडारण की क्षमता को बढ़ाने की आवश्यक्ता तो होगी ही साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी वैक्सीनेशन चुनौती से कम नहीं होगा।
एक सेंटर में सौ लोगों लगेगी वैक्सीन
वैक्सीनेशन गाइडलाइन के अनुसार एक सेंटर में एक दिन में 100 से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन नहीं किया जाएगा। वैक्सीन से यदि कोई रिएक्शन होती है तो उसके लिए तीव्र रिस्पॉस टीमों का भी गठन भी किया गया है। इस कमेटी में अनुभवी चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ शामिल होगा। हर केंद्र में एक टीम तैनात रहेगी।
स्पेशल सीरिंज से होगा वैक्सीनेशन
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कोविड वैक्सीनेशन के लिए स्पेशल सीरिंज का प्रयोग किया जाएगा। सह सीरिंज ऑटो डिसेबल्ड होगी। सीरिंज को दोबारा प्रयोग में नहीं लाया जा सकेगा।
14 हजार स्वास्थ्यकर्मियों को मिलेगी पहली डोज
हरिद्वार जिले के14 हजार 31 स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना की पहली डोज दी जाएगी। इसमें 245 सरकारी अस्पताल और 300 निजी अस्पताल, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच केंद्र के चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीनेशन के लिए स्वास्थ्यकर्मियों से 24 कॉलम का फार्म भरवाया गया था। अब चिह्नित स्वास्थ्यकर्मियों की सूची प्रदेश मुख्यालय भेजी जा चुकी है।
पहले चरण में कोविड वैक्सीनेशन के लिए तैयारिया तेजी के साथ चल रही है। वैक्सीनेशन के लिए 14 हजार 31 स्वास्थ्कर्मियों की सूची मुख्यालय भेजी जा रही है। मौजूदा कोल्ड चेन सेंटर की भंडारण की क्षमता को बढ़ाने साथ छह नए कोल्ड चेन सेंटर बनाए जा रहे है।
- डॉ. एसके झा, मुख्य चिकित्साधिकारी, हरिद्वार