भारतीय वन्यजीव संस्थान की ओर से 2018 में की गई गणना के मुताबिक पूरे देश में 2967 बाघ हैं। सबसे अधिक 526 बाघ मध्य प्रदेश के जंगलों में पाए गए। जबकि 524 बाघों के साथ दूसरे स्थान पर कर्नाटक है। उत्तराखंड के जिम कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में 442 बाघ हैं। 2014 की तुलना में साल 2018 में कराई गई गणना में बाघों की संख्या 741 अधिक पाई गई। चार साल के भीतर बाघों की संख्या में 33 फीसदी की बढ़ोतरी की हुई है।
छत्तीसगढ़ और मिजोरम में घटी संख्या
छत्तीसगढ़ और मिजोरम में बाघों की संख्या में कमी आई है। भारतीय वन्यजीव संस्थान की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 2014 में 46 बाघ थे। वहीं 2018 सिर्फ 19 पाए गए।
जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर हैबिटेट मैनेजमेंट को लागू करने के साथ ही नए कोरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व में वर्तमान में बाघों की संख्या 252 है। फिलहाल टाइगर रिजर्व में छह कोरिडोर हैं। वही कुछ नए कोरिडोर बनाए जा रहे हैं।
-राहुल, निदेशक, जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व
देश के सभी टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभयारण्यों में बाघों को संरक्षित करने को लेकर कई कदम उठाए गए हैं। टाइगर रिजर्व में बाघों के लिए प्राकृतिक आवास मुहैया कराने को लेकर हैबिटेट मैनेजमेंट लागू करने के साथ ही नए कोरिडोर भी विकसित किए जा रहे हैं।
- डॉ. धनंजय मोहन, निदेशक, भारतीय वन्यजीव संस्थान