कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की कोविड रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। वे यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर सेल्फ क्वारंटीन हैं। 16 सितंबर को उनकी क्वारंटीन अवधि पूरी हो जाएगी। 17 से वह कामकाज शुरू कर देंगे। प्रदेश सरकार के लिए यह संतोष की बात है। स्वस्थ होने के साथ ही कौशिक अब सत्र की तैयारियों में जुटेंगे।
कोरोना की चपेट में आने के बाद कौशिक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती हो गए थे। उनकी रिपोर्ट बेशक पॉजिटिव थी। लेकिन उनमें कोरोना के लक्षण नहीं थे। एम्स में स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद कौशिक यमुना कालोनी स्थित आवास पर सेल्फ क्वारंटीन में चले गए थे। चिकित्सकों की देख रेख में खुद को क्वारंटीन में रखा। इस बीच उनकी कोविड टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आ गई।
कौशिक के मुताबिक, 16 सिंतबर को उनके क्वारंटीन अवधि पूरी हो रही है। 17 से वह अपना कामकाज शुरू कर देंगे। विधानसभा सत्र से ठीक पहले कौशिक का स्वस्थ होना प्रदेश सरकार के लिए राहत भरी खबर है। कौशिक को सत्र के दौरान मुख्यमंत्री के विभागों से संबंधित प्रश्नों के जवाब देने हैं। संसदीय और विधायी कार्यों को भी देखना है। प्रश्नों और सूचनाओं के जवाब तैयार करने के लिए उनके पास करीब एक हफ्ते का समय है।
प्रदेश सरकार ने कोविड संक्रमण से बचाव और मरीजों के इलाज के लिए आईवरमेक्टिन दवा का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी की ओर से इस संबंध में सभी जिलों के जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आदेश जारी किया गया हैं।
यह दवा कोरोना संक्रमित मरीज, संपर्क में आने वाले और स्वास्थ्य कर्मियों को दी जाएगी। आईवरमेक्टिन दवा की खुराक भी तय की गई है। गर्भवती महिलाओं और दो साल से कम आयु के बच्चों को यह दवा नहीं दी जाएगी।
हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में गठित तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट में आईवरमेक्टिन दवा कोरोना संक्रमण से बचाव व उपचार में कारगर पाई गई है। कमेटी की सिफारिश पर सचिव स्वास्थ्य ने इसका प्रयोग करने का आदेश जारी किया है। यह दवा कितनी मात्रा में दी जानी है, इसे भी तय किया गया है। इसके अनुसार ही दवा देने के आदेश दिए गए हैं।
इस तरह दी जाएगी दवा
कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आए लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए पहले और सातवें दिन रात को भोजन करने के दो घंटे बाद दवा दी जाएगी। वहीं, कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए पहले, सातवें और 30 वें दिन दवा दी जाएगी।
देहरादून में कोरोना संक्रमित मामले सामने आने के बाद सोमवार को जिले में और दो इलाकों को कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसके आदेश जारी किए।
डीएम ने बताया कि 15 रेस्ट कैंप मद्रासी कॉलोनी स्थित निरंकारी भवन त्यागी रोड में कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद वह हिस्सा, जिसके पूर्व में गनीराम का आवास, पश्चिम में सड़क, उत्तर में मोहनलाल तथा दक्षिण दिशा में ठूलू का मकान व गली मौजूद है। उसे कंटेनमेंट जोन बना दिया है।
उधर, सहारनपुर रोड, रामनगर मोहल्ला का वह क्षेत्र जिसके पूर्व में सुलोचना जिंदल का मकान, पश्चिम में सहारनपुर रोड, उत्तर में नवीन गुप्ता तथा दक्षिण दिशा में रामनगर मोहल्ला व बैंक स्थित है, उसे पाबंद कर दिया है। कहा कि अगले आदेश तक इन इलाकों के लोग क्षेत्र से बाहर नहीं निकलेंगे। साथ ही यहां मौजूद दुकानें व प्रतिष्ठान आदि बंद रहेंगे। कोरोना गाइडलाइन का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।