इंडियन एंजल नेटवर्क के फाउंडर डॉ.सौरभ श्रीवास्तव ने सुझाव दिया कि राज्य में उद्यमिता के विकास के लिए जो भी योजना बने, राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से बने। स्टार्टअप के तहत रोजगार सृजन पर विशेष फोकस हो। उत्तराखंड के उत्पादों की अलग ब्रांडिंग हो, वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
हेल्थ केयर, मेडिकल टूरिज्म की जरूरत: किदवई
फार्मर ग्रुप के जनरल मैनेजर एंड कंट्री हेड एचएसबीसी इंडिया नैना लाल किदवई ने राज्य में हेल्थ केयर और मेडिकल टूरिज्म पर फोकस करने के साथ ही फोरेस्टरी सेक्टर में भी कई संभावनाएं बताईं।
मेंटल हेल्थ सेक्टर में कई काम हो सकते हैं: नायर
संपर्क फाउंडेशन के फाउंडर विनीत नायर ने कहा कि मेंटल हेल्थ के क्षेत्र में अनेक कार्य हो सकते हैं। हमें सबसे पहले बच्चों के मेंटल हेल्थ पर फोकस करना होगा। स्टार्टअप का भविष्य साइंस और तकनीक पर आधारित है। इस दिशा में पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
आजीविका आधारित कारोबार की वकालत : रमन रॉय
क्वात्रो ग्लोबल सर्विस के चैयरमेन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर रमन रॉय ने आजीविका आधारित (लाईवलीहुड बिजनेस) पर खास ध्यान देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने विभिन्न सेक्टर में कार्य करने के लिए प्रत्येक सेक्टर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की वकालत की।
बड़े उद्योगों की स्थापना जरूरी : बिखचंदानी
इंफो एज के वाइस चैयरमेन संजीव बिखचंदानी ने कहा कि राज्य में कुछ बड़े उद्योग स्थापित करने होंगे। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत अनेक कार्य किए जा सकते हैं।
यह है समूह के गठन का उद्देश्य
राज्य में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समूह का गठन किया गया है। ये समूह राज्य में एक अनुकूल स्टार्टअप इको सिस्टम विकसित करने, अनुसंधान और नए उत्पादों, सेवाओं, व्यापार मॉडल के विकास को प्रोत्साहित करने, उपयुक्त पॉलिसी योजनाओं और आवश्यक समर्थन प्रणाली को विकसित करने के लिए परामर्श देने के लिए गठित किया गया है।
राज्य में सीएम इनोवेशन फंड बनाया गया है। सीएम स्वरोजगार योजना में सोलर पॉवर फार्मिंग को भी शामिल किया गया है। आयुष, वैलनेस, मेडिसनल प्लांट के क्षेत्र में काफी कार्य हो सकते हैं। हेल्थ केयर के क्षेत्र में विभिन्न कार्यों के साथ रोजगार की भी अपार संभावनाएं हैं।
- ओम प्रकाश, मुख्य सचिव