लक्सर तहसील प्रशासन ने दाबकी कला गांव को पाबंद करने के कुछ ही घंटे बाद लगभग चार सौ परिवारों को राहत दे दी है। प्रशासन ने केवल उसी मोहल्ले को पाबंद किया है, जिसमें कोरोना संक्रमित सात वर्षीय बच्चे का परिवार रह रहा है। हालांकि पुलिस प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग गांव में लगातार निगरानी रखे हुए है।
गौरतलब है कि लक्सर ब्लॉक के दाबकी गांव निवासी एक महिला का सात वर्षीय बच्चा थैलेसीमिया से पीड़ित है। 19 मई को उसकी मां उसका इलाज कराने के लिए ऋषिकेश एम्स अस्पताल में लेकर गई थी। बच्चे का वहीं पर इलाज चल रहा है, 8लेकिन इसी बीच एम्स के डॉक्टरों ने जब बच्चे की कोरोना की जांच कराई तो उसकी पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। इसके बाद 22 मई को पुलिस प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के साथ गांव के निकट दाबकी व महेश्वरी गांव को पाबंद कर दिया था, लेकिन बाद में ग्राम प्रधान सतबीर सिंह व कुछ ग्रामीणों ने प्रशासन को जानकारी देकर बताया था कि बच्चे की मां उसे इलाज के लेकर 19 मई को अस्पताल गई थी।
उसके बाद बच्चा और उसकी मां गांव में वापस नहीं आए। यहीं नहीं उनके परिवार का कोई व्यक्ति वहां उन्हें देखने के लिए भी नहीं गया था। ऐसी स्थिति में दोनों गांव को सील किया जाना गलत है। ग्राम प्रधान की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने इसकी जांच पड़ताल कराई तो मामला सही निकला।
एसडीएम पूरण सिंह राणा ने बताया कि अब दाबकी के उसी मोहल्ले को पाबंद किया गया है, जिसमें संक्रमित बच्चे के परिवार के लोग रह रहे हैं। इसके अलावा दोनों गांवों के लगभग चार सौ परिवारों को छूट दे दी गई है। स्वास्थ्य विभाग गांव में निगरानी कर रहा है।