जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसका आदेश जारी कर दिया है। प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिले से कोई भी फैक्ट्री या कंपनी कर्मचारी और मजदूर बिना अनुमति के बाहर नहीं जाएगा।
यह आदेश केवल कंपनियों और फैक्ट्री में काम करने वालों पर लागू रहेगा। किसी को जिले से बाहर जाना है तो इसकी जानकारी उन्हें एडीएम, संबंधित एसडीएम और थाना प्रभारी को देनी होगी।
अगर कोई कर्मचारी या मजदूर इस आदेश का पालन नहीं करता तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए यह निर्णय लिया है।
संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए पहले बाहर से दून आने वालों पर सख्ती थी। लेकिन अब जिले से बाहर जाने वालों पर भी प्रशासन सख्त हो गया है।
सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने पर मंगलवार को 365 लोगों के चालान किए गए, जिसमें से 31 जिला प्रशासन की टीम ने किए। जबकि पुलिस की ओर से जिले भर में 334 लोगों के चालान किए गए।
फ्लाइट से 304 प्रवासी जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। 203 लोग फ्लाइट से दूसरे राज्यों के लिए रवाना किए गए। उधर, मनरेगा के तहत 24357 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। वहीं, निबंधन कार्यालयों में 221 रजिस्ट्री हुई। इसके अलावा चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोहन सिंह बुटोला को कोरोना वॉरियर्स बनाया गया।
जिला पहुंचे 763 लोग हुए क्वारंटीन
डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को जिला पहुंचे 763 लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद क्वारंटीन किया गया। वहीं, 681 लोगों के सैंपल लिए गए। आशा कार्यकर्ताओं ने 965 लोगों का फॉलोअप किया। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने 17,0221 लोगों की सामुदायिक निगरानी की। उधर, को-मोर्बिडिटी अवस्था वाले 331 लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी फोन के जरिये ली गई।