राज्य स्थापना दिवस पर शुरू हुआ टीकाकरण महा अभियान पहले ही दिन दम तोड़ गया। पहले दिन लक्ष्य से पांच हजार लोगों को कम टीके लगे। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि नेशनल हेल्थ मिशन के एक दिवसीय कार्यबहिष्कार के चलते यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। आने वाले दिनों में लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार की ओर से दिसंबर में शत-प्रतिशत टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से बीच-बीच में टीकाकरण अभियान चलाए जा रहे हैं। इसमें अब पहली डोज के साथ ही दूसरी डोज लगाने पर फोकस है। ताकि कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर अगर आती भी है तो उसे रोका जा सके। इसको देखते हुए स्थानीय प्रशासन की ओर से फिर से कोरोना टीकाकरण को लेकर राज्य स्थापना दिवस पर साप्ताहिक टीकाकरण महा अभियान शुरू किया गया है।
सोमवार आठ नवंबर से शुरू होने वाला महा अभियान 14 नवंबर तक चलाया जाना है। महाभियान में प्रत्येक दिन 15 हजार लोगों को टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पहले दिन जनपद भर में 126 टीकाकरण सेंटर लगाए गए, हालांकि ये सेंटर 200 के करीब बनाए जाने की तैयारी थी, लेकिन नेशनल हेल्थ मिशन के कार्यबहिष्कार के चलते इतने सेंटर नहीं बनाए जा सके। इसके कारण लोगों को पहले दिन 15 हजार के सापेक्ष 10 हजार टीके लगाए जा सके। टीकाकरण की नोडल अधिकारी डॉ. कोमल सिंह ने बताया कि मंगलवार से नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारी कार्यबहिष्कार से लौट आए तो सेंटरों की संख्या बढ़ा दी जाएगी ताकि निर्धारित किए गए लक्ष्य को हर दिन पूरा किया जा सकेगा।
कोविड टीकाकरण के बाद डेटा ऑनलाइन फीड करने में लापरवाही बरती जा रही है। हाल यह है कि कोविड का बिना टीका लगवाए ही लोगों के पास मैसेज भेजे जा रहे हैं। इससे लोग हैरत में पड़ रहे हैं कि वास्तविक रूप से कैसे टीका लगवाएंगे।
जिला प्रशासन की ओर से कोविड टीकाकरण करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पहली डोज लगाने के बाद अब प्रशासन की ओर से दूसरी डोज पर जोर है, लेकिन टीकाकरण करने में लापरवाही सामने जा रही है। टीकाकरण करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों की ओर से ऑनलाइन डेटा फीड करते समय गलत मोबाइल और आधार कार्ड नंबर दर्ज हो रहे हैं। इससे उन लोगों के पास मैसेज पहुंच रहे हैं, जिनको दूसरी डोज लगी ही नहीं है।
तेल्लीवाला गांव निवासी प्रियंका रानी के पास भी ऐसा ही मैसेज पहुंचा तो वह हैरान हो गईं। उनको कोविशील्ड की दूसरी खुराक का समय सात नवंबर को पूरा हुआ। सात नवंबर को ही संयुक्त चिकित्सालय रुड़की से मैसेज उनके मोबाइल नंबर पर पहुंचा कि उन्हें दूसरी डोज लग गई है। उन्होंने मामले की शिकायत सीएओ ऑफिस में की। वहां से टीकाकरण करने का आश्वासन दिया गया। ऐसा ही एक मामला टीकाकरण की नोडल अधिकारी डॉ. कोमल सिंह के पास भी पहुंचा है।
डॉ. कोमल सिंह का कहना है कि गलत मोबाइल और आधार कार्ड ऑनलाइन भरने से ऐसा हो रहा है। ऐसे लोगों का टीकाकरण कराया जा रहा है। सभी स्वास्थ्य कर्मियों को टीकाकरण के दौरान ऑनलाइन जानकारियां अपलोड करने में सतर्कता और सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।