दूसरी डोज लगाई नहीं, कोविन पोर्टल पर दिखा दी दोनों वैक्सीन लगी हैं
वहींं देवाल में कोविन पोर्टल पर गलत जानकारी अपडेट होने से लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लग पा रही है। देवाल के कैलाश मिश्रा ने बताया कि उनकी बेटी अंजलि को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल में लगी। वर्तमान में वह हल्द्वानी में है।
उसे दूसरी डोज 30 नवंबर को लगनी थी, लेकिन कोविन पोर्टल पर उसे कोरोना वैक्सीनेशन की दोनों डोज दी गई हैं, यह दिखाया गया है। ऐसे में उन्हें वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लग पा रही है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल के प्रभारी डॉ. शहजाद अली ने बताया कि एएनएम के रजिस्टर में पहली डोज ही दर्शाई गई है। कोविन पोर्टल पर दूसरी डोज कैसे अपडेट हुई, इसकी जांच की जाएगी। अगर अंजलि को दूसरी डोज नहीं लगी तो उससे यहां बुलाकर दूसरी डोज लगा दी जाएगी।
देहरादून जिले में प्रतिदिन छह हजार लोगों की होगी कोरोना जांच
उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों में कोरोना बढ़ने के साथ ही ओमिक्रॉन वायरस के खतरों के बीच शासन और स्वास्थ्य महानिदेशालय अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से जारी किए गए आदेश के मुताबिक राजधानी दून समेत पूरे जिले में प्रतिदिन छह हजार लोगों की कोरोना जांच की जाएगी। जिसकी दैनिक रिपोर्ट स्वास्थ्य महानिदेशालय के साथ ही सरकार, शासन को भी भेजी जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि कोई भी संक्रमित मरीज दूसरे राज्य से जिले की सीमा में बगैर आरटीपीसीआर, एंटीजेन टेस्ट कराए दाखिल न हो सके इसके लिए जौलीग्रांट एयरपोर्ट के अलावा रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और चेकपोस्टों पर आरटीपीसीआर और एंटीजन टेस्ट में तेजी लाने के आदेश जारी किए गए हैं।
इसके अलावा तमाम सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों से कहा गया है कि वे भी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले बीमार मरीजों कीआरटीपीसीआर जांच कराए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को लगता है कि उसकी तबीयत खराब है और उसे कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो वह तत्काल दून अस्पताल, कोरोनेशन व गांधी शताब्दी के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच कराए।