कोरोना संक्रमण की रफ्तार मंद होने से टीकाकरण अभियान धीमा हो गया है। हरिद्वार में हालत यह है कि अभी तक चार लाख लोगों ने टीकाकरण का समय पूरा होने के बाद भी टीका नहीं लगवाया है। इससे स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब ऐसे लोगों को फोन करने के बाद टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण अभियान की तीसरी संभावित लहर को देखते हुए जुलाई से बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया गया था। टीकाकरण का आंकड़ा बढ़ाने के लिए जनपद के अधिकारियों को भी अवकाश के दिनों में लगा दिया गया था। इसमें एक-एक दिन में 48 हजार टीके भी लगाए गए थे। इससे टीकाकरण का आंकड़ा भी बढ़ गया था। टीकाकरण अभियान चलने से सितंबर के पहले सप्ताह तक कोरोना का आंकड़ा बढ़कर साढ़े 14 लाख से ऊपर पहुंच चुका था, लेकिन इसके बाद निर्धारित 15 लाख 70 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष अधिकांश का टीकाकरण होने पर टीकाकरण की पहली डोज के आंकड़े में बढ़ोतरी नहीं हो पाई है। इससे सोमवार तक 14 लाख 70 हजार 479 लोगों को ही टीके लगे हैं।
खास बात यह है कि इनमें से महज आठ लाख एक हजार 967 लोगों को ही कोरोना की दूसरी डोज लग सकी है। करीब चार लाख लोग आज भी ऐसे हैं, जिनका नवंबर के पहले सप्ताह में दूसरा टीका लगने का समय पूरा हो चुका है, लेकिन वे केंद्रों पर जाकर टीकाकरण नहीं करा रहे हैं। टीकाकरण की नोडल अधिकारी डॉ. कोमल सिंह ने बताया कि संक्रमण नहीं बढ़ने के कारण लोग दूसरा टीका लगवाने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब उन्हें फोन करके टीकाकरण के लिए कहा जा रहा है, जिससे वह टीकाकरण करा सकें।