कोटद्वार विधानसभा चुनाव में सुरक्षा के लिए पहुंची बीएसएफ की 50वीं बटालियन की ई-कंपनी में तैनात 82 में से 30 जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जवानों को कोरोना किट देकर क्वारंटीन कर दिया है। बड़ी तादात में जवानों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर पुलिस और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है। सीओ कोटद्वार जीएल कोहली ने बताया कि बीएसएफ की 50वीं बटालियन की ई-कंपनी को कोटद्वार विधानसभा चुनाव की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बुलाया गया है।
यह कंपनी कोटद्वार से पहले राजस्थान के भुज बॉर्डर पर तैनात थी। मंगलवार सुबह कंपनी के अधिकारियों सहित 82 जवान कोटद्वार पहुंचे। उनके ठहरने और खाने की व्यवस्था राजकीय इंटर कालेज कण्वघाटी में की गई। एहतियाती तौर पर जवानों की कोरोना सैंपलिंग कराई गई। रैपिड एंटीजन टेस्ट में 82 में से 30 जवान कोरोना संक्रमित पाए गए। सभी संक्रमित जवानों को जीआईसी कण्वघाटी में अलग से क्वारंटीन कर दिया है। अन्य जवानों को इसी विद्यालय के दूसरे कक्ष में ठहराया गया है।
आपदा अधिनियम और धारा 144 के उल्लंघन में साक्षी महाराज समेत 50 पर मुकदमा
कोतवाली पुलिस ने आपदा प्रबंधन अधिनियम और धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में भाजपा सांसद साक्षी महाराज उनके जनसंपर्क अधिकारी अमितेष सिंह उर्फ नंदू, श्री भगवान भवन के प्रबंधक महेश चंद्र मिश्रा और 47 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। ऋषिकेश विधानसभा की रिर्टनिंग अफसर और एसडीएम डॉ. अपूर्वा पांडेय के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई की है। कार्यक्रम के दौरान की फोटो और विडियो से पुलिस अज्ञात लोगों की पहचान कर रही है। बुधवार को श्री भगवान भवन में उत्तर प्रदेश के उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज के 66वें जन्मदिन के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में लोगों की भारी भीड़ जुटी थी। कार्यक्रम में मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का उल्लंघन हुआ था।
विधायक चैंपियन और उनके पुत्र भी कोरोना की चपेट में
बुधवार को आई रिपोर्ट के अनुसार, रुड़की में 152 कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, उनके बेटे, सिविल अस्पताल रुड़की के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मनीष दत्त भी शामिल हैं। 23 मरीज आईआईटी रुड़की से भी हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रुड़की के एक प्रवक्ता भी कोरोना संक्रमित मिले हैं। कोर्ट के भी दो कर्मचारियों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि जिस कोरोना संक्रमित की मौत हुई है, उनके परिजनों के सैंपल लेने की तैयारी की जा रही है।
मास्क और डबल डोज केे बाद ही एम्स मिलेगा प्रवेश
कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने मरीजों और तीमारदारों के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। अब कोरोनाराधी वैक्सीन की डबल डोज और मास्क लगाने वाले मरीजों और तीमारदारों को ही एम्स में प्रवेश मिलेगा। कोविड नियमों के उल्लंघन करने वाले मरीजों और तीमारदारों को प्रवेश द्वार से लौटा दिया जाएगा। एम्स के कोविड कमांडर ब्रिगेडियर प्रोफेसर यूबी मिश्रा ने बताया कि अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह 11 बजे तक निर्धारित किया गया है।
सुबह 11 बजे के बाद किसी भी मरीज का ओपीडी में पंजीकरण नहीं होगा। अस्पताल में आने वाले मरीजों और तीमारदारों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना मास्क के किसी भी मरीज और तीमारदार को एम्स में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए कोरोनारोधी वैक्सीन की डबल डोज सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य होगा। प्रोफेसर यूबी मिश्रा ने बताया कि कोविड नियमों की निगरानी की जिम्मेदारी कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन विभाग को सौंपी गई है।
एम्स प्रशासन ने इनकों दी रियायत
एम्स में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों, 18 साल से कम उम्र के बच्चों, किशोर व युवाओं और उनके तीमारदारों के लिए कोरोनारोधी वैक्सीन की डबल डोज अनिवार्यता में रियायत दी गई है। हालांकि इन पर मास्क पहनना और सामाजिक दूरी बनाने का नियम लागू होगा।एम्स के गेट नंबर-तीन पर रजिस्ट्रेशन काउंटर की व्यवस्था फिर से बहाल कर दी गई है। जिसमें एक काउंटर कोविड संदिग्ध मरीजों के लिए बनाया गया है। इसके साथ ही सामान्य मरीजों के लिए पंजीकरण के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है। मरीजों और उनके तीमारदारों गेट नंबर-तीन से अस्पताल में प्रवेश मिलेगा। इस दौरान सीएफएम विभाग के चिकित्सकों की टीम संदिग्ध व सामान्य मरीजों की पहचान करेगी। जांच के बाद ही मरीजों को संबंधित काउंटर पर भेजा जाएगा।