डीएम ने बताया कि जिले में विभिन्न स्तरों पर एक्टिव सर्विलांस किया जा रहा है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने 24 लाख से अधिक लोगों को चेक किया। 52 कंटेनमेंट जोन में से 28 अब भी सक्रिय हैं।
खुले इलाके में तीन या इससे अधिक मामले आने और सघन आबादी वाले इलाकों में एक ही मामला आने पर कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है। सर्विलांस सिस्टम भी बदलने जा रहा है। कोरोना से बचाव को देखते हुए जिले को नौ सेक्टरों में बांटा है।
आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ही सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। यह सर्विलांस कर अपनी रिपोर्ट देंगे। इसके अलावा कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम व इसके प्रभाव को कम करने और मॉनिटिरिंग के लिए तीन कॉल सेंटर बनाए गए हैं।
जिसमें होम क्वारंटीन किए गए लोगों के स्वास्थ्य आदि की जानकारी, कोविड-19 संक्रमण से ठीक होकर घर लौटें लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी के साथ ही जिले के को-मोर्बिडिटी अवस्था वाले लोगों से फोन पर संपर्क कर स्वास्थ्य जानकारी लेने के साथ ही उन्हें जागरूक किया जा रहा है।