भारत-चीन सीमा विवाद को देखते हुए कांग्रेस ने पीएम से पूछा है कि किस आधार पर चीन की कंपनियों से पीएम केयर्स फंड में दान स्वीकार किया गया। कांग्रेस भवन में सोमवार को मीडिया से मुखातिब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि चीन ने भारत की सीमा में घुसपैठ नहीं की है। सेटेलाइट चित्रों और सामने आ रही रिपोर्ट से स्पष्ट है कि भारत के क्षेत्र पर चीन ने अतिक्रमण किया हुआ है। ऐसा नही है तो फिर सरकार बताए कि किस तरह से भारत के 20 जाबांज शहीद हुए।
प्रीतम ने कहा कि एक तरफ चीन के साथ तनाव बढ़ रहा है तो दूसरी तरफ पीएम केयर्स फंड में चीन की कई कंपनियों से दान स्वीकार किया गया। इस फंड का न तो ऑडिट है और न ही किसी अन्य तरह की पारदर्शिता इसको लेकर बरती गई है। ऐसे में प्रधानमंत्री को चाहिए कि वह वास्तविकता बताएं। कांग्रेस मजबूत और गंभीर विपक्ष है। कांग्रेस की गंभीरता पर शक करने से पहले भाजपा यह बताए कि उसका आजादी की लड़ाई में योगदान क्या है। वार्ता में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, अनुसूचित जाति, जनजाति के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार, कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री गोदावरी थापली, गरिमा दसौनी आदि शामिल थे।
कांग्रेस ने ये उठाए सवाल
1. पीएम केयर्स फंड में चीन की कंपनियों का पैसा स्वीकार क्यों किया?
2. क्या पीएम को विवादास्पद कंपनी हुवेई से सात करोड़ रुपये मिले?
3. क्या चीन की कंपनी ने पीएम केयर्स फंड में 30 करोड़ रुपये का योगदान दिया?
4. क्या पेटीएम ने इस फंड में 100 करोड़ रुपये का योगदान दिया?
5. क्या चीन की कंपनी शाओमी ने इस फंड में 15 करोड़ रुपये दिए?
6. क्या चीनी कंपनी ओप्पो ने इस विवादास्पद फंड में 1 करोड़ रुपये दिए?