- चुनौती 3 - 400 मरीजों को मिल सकता है कोरोना का इलाज
दून अस्पताल में 35 आईसीयू बेड हैं। तीन बाईपैप मशीनें हैं, जिनकी मदद से जरूरत पड़ने पर मरीज को ऑक्सीजन फेफड़ों तक पहुंचाई जाती है। यहां कुल 500 बेड का अस्पताल है, जिसमें से 400 बेड कोरोना के लिए रिजर्व किए गए हैं। यानी एक बार में कोरोना के 400 मरीजों को एक साथ इलाज दिया जा सकता है। हजारों की संख्या होने पर इलाज की चुनौती तैयार है। हालांकि दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना का कहना है कि दून अस्पताल में कोरोना के मद्देनजर पोर्टेबल एक्सरे, इको मशीनें भी लाई गई हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल इतने लोगों का इलाज देने की पूरी व्यवस्था उपलब्ध है।
- चुनौती 4 - दून अस्पताल में रोजाना 90 सैंपल की ही जांच
दून अस्पताल में कोरोना की जांच शुरू हो चुकी है। यहां कोरोना की जो लैब बनाई गई है, उसमें रोजाना 90 सैंपल की जांच की जा रही है। रैंडम सहित विभिन्न माध्यमों से रोजाना करीब 175 सैंपल आ रहे हैं। यानी प्रतिदिन करीब आधे सैंपल पेंडिंग हो रहे हैं। लोगों की संख्या बढ़ने के बाद अगर सैंपलिंग में इजाफा किया जाता है तो लंबित जांचों की संख्या भी बढ़ जाएगी।
जितने भी प्रवासी उत्तराखंडी आएंगे, उन्हें होम क्वारंटीन में रखा जाएगा। अगर कोई कोरोना पॉजिटिव है, केवल उसी को अस्पताल या संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा। प्रशासन की पूरी व्यवस्था है। प्रवासियों को लेकर पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी।
डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी