एम्स की ओर से सोमवार को जारी बयान में संकायाध्यक्ष अस्पताल प्रशासन प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि कोविड 19 संक्रमित एम्स के यूरोलॉजी विभाग के आईपीडी वार्ड के नर्सिंग ऑफिसर की स्थिति में सुधार हो रहा है, उसे आइसोलेशन वार्ड में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमित उक्त हेल्थ केयर वर्कर बीते मार्च माह में एक से पांच तारीख में बनारस की पांच दिन की यात्रा पर गया था व 16 से 18 मार्च को गंगानगर ऋषिकेश में अपने मित्र से मिलने से गया था। संभवत: वह इसी यात्रा के दौरान किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया है।
संक्रमित हेल्थ केयर वर्कर इस यात्रा के बाद से एम्स अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग व अन्य विभागों से जुड़े जिन लोगों के संपर्क में आया है, उन सभी लोगों की कोविड 19 स्क्रीनिंग ओपीडी में जांच व सैंपलिंग की गई है।
साथ ही उसके गंगानगर में एक मित्र के भी संपर्क में आने की बात सामने आई है, उस व्यक्ति का भी कोविड स्क्रीनिंग ओपीडी में सैंपल लिया गया है। इन सभी लोगों को प्राइमरी कांट्रेक्ट व सेकेंड्री कांट्रेक्ट के तौर पर ग्रुप में बांटा गया था। उन्होंने बताया कि इनमें से 64 लोगों के नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि पांच लोगों की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।
प्रशासन ने बापू ग्राम बीस बीघा इलाके को हॉट स्पॉट घोषित किया है। प्रदेश में तीन जिलों में 11 हॉट स्पॉट हैं। जहां पर लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध है। संक्रमित नर्सिंग ऑफिसर के संपर्क में आने वाले लोगों को चिन्हित किया जा रहा है।
इस क्षेत्र में 200 से 300 परिवार रहते हैं। यहां के लोग तीन मई तक पूरी तरह से अपने घर पर ही रहेंगे। क्षेत्र में बैंक, प्रतिष्ठान और दुकानें बंद रहेंगी। शासन की ओर से सप्लाई की जाएगी।
परिवार का एक ही सदस्य खरीदारी के लिए निकलेगा। टिहरी के मुनिकीरेती क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन ने जारी सभी पास तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं।