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Coronavirus: उत्तराखंड में मंगलवार को 78 और संक्रमित मिले, 3686 पहुंची मरीजों की संख्या 

Tue, 14 Jul 2020 10:33 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : फाइल फोटो
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उत्तराखंड में कोरोना के मामलों ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को प्रदेश में तीन स्वास्थ्य कर्मियों समेत 78 नए मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 3686  पहुंच गई है। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, आज सबसे ज्यादा मामले ऊधमसिंह नगर में 33 और हरिद्वार में 22 सामने आए हैं। वहीं, देहरादून में 12, पौड़ी में तीन, टिहरी में पांच और उत्तरकाशी में दो कोरोना संक्रमित मिले हैं। दून में सामने आए मामलों में सेना के छह जवान भी शामिल हैं।

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बता दें कि आज 70 मरीज ठीक होकर घर लौटे हैं। अब तक प्रदेश में 2867 संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। अभी भी 736 एक्टिव केस हैं।  जबकि अब तक 50 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, प्रदेश में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट 77.78 फीसदी है और डबलिंग रेट 36.79 दिन है। 

क्वारंटीन जाजू के हरिद्वार दौरे पर भाजपा की सफाई

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू के सेल्फ क्वारंटीन होने के दौरान हरिद्वार दौरे पर प्रदेश संगठन ने सफाई दी है। पार्टी ने दावा किया कि जाजू क्वारंटीन के सभी नियमों का पालन कर रहे हैं। पार्टी ने कहा कि वे नितांत निजी रूप से हरिद्वार मंदिर में पूजा करने गए थे।

रेड जोन दिल्ली से देहरादून आने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जाजू से क्वारंटीन होने का अनुरोध किया था। उनके अनुरोध पर जाजू ने अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए थे और सेल्फ क्वारंटीन हो गए। लेकिन इस बीच हरिद्वार से खबर आई कि जाजू वहां एक मंदिर में पूजा अर्चना कर रहे हैं। कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा पर निशाना साधा। 

मंगलवार को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि पार्टी प्रभारी श्याम जाजू दिल्ली से उत्तराखंड आने के बाद 12 जुलाई से सेल्फक्वारंटीन में हैं। उन्हें भाजपा प्रदेश कार्यालय पर आयोजित महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेना था।

उसके बाद उनके उत्तराखंड प्रवास में अन्य कार्यक्रम भी थे। लेकिन, मुख्यमंत्री ने कोरोनाकाल में राज्य सरकार के नियमों का हवाला दिया और उनसे क्वारंटीन में जाने का अनुरोध किया? जिसे स्वीकार करते हुए वे सेल्फ क्वारंटीन में चले गए। वे भाजपा के प्रदेश कार्यालय के कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हुए।

अस्पताल से भी फर्ज निभा रही महिला दरोगा

रुड़की में ड्यूटी के प्रति महिला दरोगा के जज्बे को देखकर पुलिस अधिकारी भी सलाम कर रहे हैं। कोरोना संक्रमित होने के चलते अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी महिला दरोगा अपनी विवेचनाओं को गति प्रदान कर रही है। महिला दरोगा विवेचनाओं के संबंध में हर छोटी-बड़ी जानकारी अधिकारियों को अपडेट करा रही है। 

कोरोना काल में पुलिस के जज्बे में कोई कमी नहीं आई है। लॉकडाउन के शुरुआती दौर से लेकर अब तक पुलिस ड्यूटी पर दिनरात तैनात है। इसी बीच अपनी ड्यूटी निभाते हुए अब एक महिला दरोगा कोरोना संक्रमित हो गई। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद महिला दरोगा के ड्यूटी के प्रति कदम नहीं डिगे हैं।

मेला अस्पताल में भर्ती महिला दरोगा अपनी विवेचनाओं संबंधित काम निपटाने में लगी हैं। विवेचनाओं से संबंधित वह सभी जानकारी पुलिस अधिकारियों को अपडेट करा रही है। पुलिस अधिकारी भी महिला दरोगा के जज्बे को सलाम कर रहे हैं। कोरोना संक्रमित होने के बाद महिला दरोगा नजीर पेश कर रही है।
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दुबई में फंसे प्रवासियों के चेहरे पर आई मुस्कान

कोरोना महामारी के कारण दुबई में फंसे उत्तराखंड के प्रवासियों के चेहरे पर घर लौटने के बाद मुस्कान आई है। सरकार और यूएई उत्तराखंड एसोसिएशन के प्रयासों से दुबई में फंसे प्रवासी अपने घर पहुंच गए हैं। प्रवासियों का कहना है कि दुबई की कंपनियों ने नौकरी से निकाल दिया। जिसके बाद भूख से मरने की नौबत आ गई थी। उत्तराखंड एसोसिएशन ने प्रत्येक प्रवासी के लिए भोजन का प्रबंध किया और उन्हें वापस लाने का बीड़ा उठाया। 

दुबई में उत्तराखंड के लगभग 400 से अधिक प्रवासी फंसे हैं। इनमें से 70 प्रवासी पहली फ्लाइट से वतन लौट आए हैं। दो-तीन दिन के भीतर सभी प्रवासी वापस लौट आएंगे। यूएई उत्तराखंड एसोसिएशन, प्रदेश सरकार, सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने फ्लाइट की अनुमति दी। जिससे दुबई में फंसे उत्तराखंड के प्रवासी घर लौट हैं। 

दून निवासी नीरज गोयल पिछले 10 सालों से दुबई में पेट्रोलियम पदार्थ में इस्तेमाल होने वाले रसायन का काम करते हैं। वे बताते हैं कि 28 और 29 मार्च को उन्हें दुबई से वापस लौटना था, लेकिन लॉकडाउन के कारण नहीं आ पाए। दुबई में चार सौ से अधिक लोग फंस गए हैं। जिन्हें उनकी कंपनियों ने नौकरी से निकाल दिया है।

ऐसे में उनके सामने भूख से मरने की नौबत आ गई थी। लेकिन यूएई उत्तराखंड एसोसिएशन के संस्थापक दीपक ध्यानी और उनकी टीम ने फंसे लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था करने के साथ ही फ्लाइट की अनुमति के लिए प्रयास किया। प्रदेश सरकार की ओर से दिल्ली एयरपोर्ट पर प्रवासियों के बसों की व्यवस्था की गई थी। सभी प्रवासियों को बसों से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचाया गया।
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