रुड़की में महिला दरोगा के पॉजिटिव मिलने के बाद कोविड-19 में सर्वे के लिए लगी टीम सिविल लाइंस कोतवाली पहुंची। टीम ने इंस्पेक्टर और सभी पुलिसकर्मियों की जानकारी अपने रजिस्टर में रिकार्ड की। सरकारी क्वार्टरों में टीम ने सर्वे किया।
जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार, हरिद्वार जिले में कोविड-19 को लेकर डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है। सर्वे में परिवार के हर सदस्य की जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जा रही है। अब तक टीम शहर में ही सर्वे कर रही थी।
लेकिन रविवार की रात महिला दरोगा में कोरोना की पुष्टि होने के बाद सोमवार की सुबह कोविड-19 में सर्वे में लगी टीम सिविल लाइंस कोतवाली पहुंची। टीम ने कोतवाली प्रभारी राजेश साह के कार्यालय पहुंची और आधार कार्ड समेत अन्य की बाबत जानकारी लेकर रिकार्ड रजिस्टर में दर्ज की।
इसके बाद टीम ने सरकारी क्वार्टरों में भी पहुंचकर पुलिसकर्मियों के परिवारों का भी सर्वे किया। कोतवाली प्रभारी राजेश साह ने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों को सर्वे कराने की बाबत निर्देश दिए गए हैं।
अनलॉक-2.0 के बाद भी निरंजनपुर मंडी में सभी दुकानें नहीं खुल रही हैं। प्रशासन ने 403 में से 150 दुकानों को खोलने की अनुमति दी थी लेकिन रोजाना अब भी 100 से 120 के बीच ही दुकानें खुल रही हैं।
प्रशासन ने आदेश में कहा था कि जिन्होंने कोरोना का टेस्ट कराकर रिपोर्ट नेगेटिव आई है, वही लोग दुकानें खोलेंगे। मंडी अध्यक्ष राजेश शर्मा ने डेढ़ सौ आढ़तियों की सूची भी जारी की। हालांकि दो हफ्ते बीतने के बाद भी अब तक सभी दुकानें नहीं खुल पाई हैं।
सोमवार को 120 दुकानें ही खुली। इस संबंध में मंडी अध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि अगले कुछ दिनों में आढ़ती एसोसिएशन के साथ इस मुद्दे पर बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया जाएगा।
द आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र आनंद ने बताया कि दूसरे राज्यों से माल लाने पर अभी रोक लगी हुई है। इस वजह से कई आढ़तियों के पास सामान भी नहीं है। ज्यादातर लेबर भी अपने-अपने राज्य लौट चुकी है, इससे मंडी में लेबर की कमी बनी है। जिन आढ़तियों के पास अपने कर्मचारी या लेबर हैं, उन्हें दुकान खोलने में कोई दिक्कत नहीं लेकिन बाकी लोगों को बिना लेबर के परेशानी झेलनी पड़ रही है।
काशीपुर में दो दिन पूर्व कोरोना पॉजिटिव पाए गए एक युवक की मां की हार्टअटैक से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शव का सैंपल लिया तो जांच में वह भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई। इससे प्रशासन में खलबली मच गई। नगर निगम की टीम ने शव कब्जे में लेकर उसे सुपुर्द-ए-खाक कराया। प्रशासन ने वहां कंटेंनमेंट जोन बनाकर सैपंलिंग की कार्रवाई तेज कर दी है।
मोहल्ला खालसा में दवा का व्यवसाय करने वाला एक युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे कोविड सेंटर भेज दिया था। रविवार मध्य रात्रि उसकी 60 वर्षीय मां की हालत बिगड़ने लगी। सांस लेने में दिक्कत के चलते रात करीब दो बजे परिजन उसे लेकर अस्पताल जा रहे थे। लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना पर कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. अमरजीत सिंह विभागीय टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने मृतका के शव का एंटीजन रैपिड टेस्ट किया। जिसमें मृतका पॉजिटिव पाई गई। सूचना पर नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया। शव को एक बैग में रखकर कब्रिस्तान ले जाया गया। जहां पीपीई किट पहने मुस्लिम स्वयसेवियों ने धार्मिक रीति रिवाज से मृतका के जनाजे को सुपुर्द-ए-खाक किया।
जिला कोरोना नोडल अधिकारी बंशीधर तिवारी ने बताया कि मृतका के पॉजिटिव पाए जाने के बाद मोहल्ला खालसा में कंटेनमेंट जोन का विस्तार कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में रविवार को भी रैपिड एंटीजन टेस्ट किए गए थे। मंगलवार को एक टीम फिर से कंटेनमेंट जोन में सैंपल लेगी।