प्रदेश के मुख्यमंत्री के चिकित्सक एवं राजकीय जिला कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एनएस बिष्ट ने बताया कि कोरोना से बचाव के सबसे महत्वपूर्ण दो बिंदु हैं। एक तो जैसे ही बुखार और थकावट जैसे लक्षण दिखें तो तत्काल विशेषज्ञ को दिखाएं। डॉक्टर शुरुआत में सामान्य बुखार की और अन्य सामान्य दवाएं देते हैं।
उसके बाद भी बुखार नहीं उतरता है और इन्फेक्शन बढ़ता है तो स्टेरॉयड दवाइयां देने की भी जरूरत पड़ती है। आजकल कुछ लोग गूगल पर देख कर दवाओं के साइड इफेक्ट और तमाम चीजों को लेकर भ्रांति पाल लेते हैं। इस तरह से कोई भी व्यक्ति अपने आप डॉक्टर न बने।
डॉक्टर स्थिति ठीक न होने पर खून की जांच, एक्सरे और अन्य जांच करने के बाद ही स्टेरॉयड और अन्य दवाएं देते हैं। साथ ही उन दवाओं के साइड इफेक्ट कम करने के लिए भी दूसरी दवाएं दी जाती हैं। ऐसे में डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं और अन्य उपचार कराएं।
दून अस्पताल में कर रहे काउंसिलिंग
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों के अलावा मनोवैज्ञानिक और जनसंपर्क अधिकारियों की टीम अस्पताल के दूसरे कामों के साथ-साथ परिजनों और मरीजों की लगातार काउंसिलिंग कर रहे हैं। मनोवैज्ञानिक निधि काला, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी महेंद्र भंडारी, जनसंपर्क अधिकारी संदीप रावत, गौरव, सचिन, दिनेश रावत, विजय आदि मरीजों और उनके परिजनों की काउंसिलिंग कर रहे हैं। चिकित्सक लोगों से घबराने और भ्रमित न होने की सलाह दे रहे हैं।