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उत्तराखंड: आयुष्मान योजना का कार्ड हो या न हो, कोरोना संक्रमित को मिलेगा फ्री इलाज

Thu, 19 Mar 2020 02:30 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • सरकार ने वायरस को घोषित किया है महामारी 
  • उत्तराखंड में फर्स्ट स्टेज में कोरोना वायरस
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने से सरकार संक्रमित व्यक्ति का फ्री इलाज करेगी। इसके लिए यह जरूरी नहीं है कि फ्री इलाज के लिए संक्रमित मरीज के पास अटल आयुष्मान योजना का गोल्डन कार्ड होना चाहिए। जो भी व्यक्ति वायरस से संक्रमित है, उसे आईसोलेशन और उनके संपर्क में आए लोगों को क्वारेंटाइन एरिया में निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही है।

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कोई भी रोग महामारी घोषित होने पर सरकार ही उसके इलाज का पूरा खर्च उठाती है। अटल आयुष्मान योजना में प्रदेश के 23 लाख परिवारों को पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा है। लेकिन दूसरे राज्य का जो व्यक्ति में प्रदेश में रह रहा है उसका भी वायरस संक्रमित होने पर सरकार फ्री इलाज करेगी। कोरोना वायरस के केस में संक्रमित मरीज के पास आयुष्मान योजना का गोल्डन कार्ड हो या न हो। उसका पूरा इलाज निशुल्क किया जाएगा। 
 

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संक्रमण रोकने को विभाग स्वयं कर रहा तलाश

चीन या अन्य कोरोना वायरस प्रभावित देशों से आने वाले लोगों की स्वास्थ्य विभाग स्वयं तलाश कर रहा है, ताकि वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के प्रशिक्षु अधिकारियों व अन्य कर्मचारियों के 27 सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। 

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए इलाज निशुल्क है। इसमें आयुष्मान योजना का कार्ड होने या न होने की बात ही नहीं है, जिस भी व्यक्ति में वायरस के लक्षण पाए जाएंगे, उसके सैंपल जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच में वायरस की पुष्टि होने पर संक्रमित व्यक्ति को कड़ी निगरानी में आईसोलेशन की सुविधा दी जा रही है।
 -डॉ. पंकज कुमार पांडेय, प्रभारी सचिव स्वास्थ्य

आयुष्मान योजना के हेल्थ पैकेज में पहले से ही फ्लू से संबंधित बीमारियों के इलाज की व्यवस्था है। इसके लिए गोल्डन कार्ड होना जरूरी है, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण सरकार की ओर से सभी को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है।
-डीके कोटिया, अध्यक्ष, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण
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