स्कूली बच्चों के कोरोना संदिग्ध होने और सूचना में देरी करने पर स्वास्थ्य विभाग ने मसूरी के स्कूल को नोटिस जारी कर दिया है। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल का दौरा करेगी। उसके बाद उनके संपर्क में आए अन्य छात्रों और लोगों से जानकारी जुटाकर स्क्रीनिंग कराएगी।
उल्लेखनीय है कि बुधवार देर शाम मसूरी के एक बोर्डिंग स्कूल के पांच छात्रों को कोरोना जैसे लक्षण पाए जाने पर दून अस्पताल में लाया गया था। लेकिन, यहां वार्ड फुल होने पर सभी को कोरोनेशन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
यह छात्र हाल ही में अपने परिचितों के साथ अलग-अलग देशों की यात्रा करके लौटे थे। इस बीच स्कूल प्रबंधन ने छात्रों को मसूरी के सरकारी अस्पताल में भी दिखाया था। छात्रों के विदेश से आने और इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को देरी से देने पर स्वास्थ्य विभाग ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस संबंध में अधिकारिक रूप से कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
रुड़की में सेनिटाइजर और मास्क का स्टॉक जमा करने के साथ ही अधिक दाम में बेचने की शिकायत पर प्रशासन की टीम ने शहर के मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा। इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और एएसडीएम ने मेडिकल स्टोर संचालकों और ग्राहकों से रेट के संबंध में जानकारी ली। वहीं, अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर अधिक दाम पर सेनिटाइजर और मास्क बेचे गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कोरोना वायरस के डर से सेनिटाइजर और मास्क की डिमांग काफी बढ़ गई है। ऐसे में कई मेडिकल स्टोर संचालकों ने सेनिटाइजर और मास्क का भारी स्टॉक जमा कर लिया है। यही नहीं, बताया जा रहा है कि मेडिकल स्टोरों पर सेनिटाइजर और मास्क ग्राहकों को अधिक रेट पर बेचे जा रहे हैं।
शिकायत पर बृहस्पतिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल, एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान, तहसीलदार केएन पंत ने सिविल लाइंस, मेन बाजार समेत कई स्थानों पर मेडिकल स्टोरों पर छापा मारकर दाम की जानकारी ली। साथ ही स्टोर पर आने वाले ग्राहकों से भी दाम के संबंध में जानकारी ली। साथ ही चेतावनी दी कि अगर दाम से अधिक कीमत पर बिक्री की तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।