हाईकोर्ट ने 26 मार्च से आगामी एक अप्रैल तक के लिए फिर से अवकाश का नोटिफिकेशन जारी किया है। इससे पूर्व भी दो से 14 अप्रैल के लिए हाईकोर्ट में अवकाश का
नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। हाईकोर्ट में 14 अप्रैल तक अवकाश रहेगा और अब हाईकोर्ट 15 अप्रैल को खुलेगा।
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने निचली अदालतों के लिए भी 25 मार्च से 4 अप्रैल तक अवकाश घोषित कर दिया है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल हीरा सिंह बोनाल के हस्ताक्षरों के बाद जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कोरोना के चलते हाईकोर्ट में 26, 27, 30 व 31 मार्च तथा 1 अप्रैल को अवकाश रहेगा। इन अवकाशों को आगे 26 दिसंबर एवं 28 से 31 दिसंबर के क्रिसमस अवकाशों में समायोजित किया जाएगा।
एक अन्य नोटिफिकेशन के अनुसार राज्य सरकार के 31 मार्च तक घोषित ‘लॉक डाउन’ एवं बार एसोसिएशन की ओर से किए गए अनुरोध के दृष्टिगत हाईकोर्ट ने निचली अदालतों में 26 मार्च से 4 अप्रैल तक अवकाश घोषित कर दिया है। अत्यधिक आवश्यकता वाले मामलों में सुनवाई करने के लिए जिला जज निर्णय ले सकेंगे। इस दौरान गिरफ्तार लोगों के रिमांड एवं जमानत के मामलों पर अन्य अवकाश के दिनों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया ही अपनाई जा सकेगी।
इन छुट्टियों के बदले सभी अदालतें आने वाली गर्मियों और सर्दियों की छुट्टियों में कार्य करेंगे। इस बीच, पीएम के अपने संबोधन में बुधवार से 21 दिनों के लॉकडाउन के आदेश के बाद रजिस्ट्रार जनरल ने कहा है कि बुधवार को हाईकोर्ट के खुले रहने के बावजूद अधिवक्ता लॉकडाउन के आदेश के पालन करें।
विकासनगर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए मस्जिदों को भी बंद कर दिया गया है। मंगलवार को पछवादून के विकासनगर, जीवनगढ़, अंबाड़ी, डाकपत्थर, ढकरानी क्षेत्र में मस्जिदों में अजान तो हुई, लेकिन लाउड स्पीकरों को नहीं बजाया गया। लोगों ने घर पर ही नमाज अदा की।
विदेश से लौटे दोनों लोग आइसोलेशन वार्ड में भर्ती
कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच विदेश से लौटे दो लोगों को पुलिस नेप्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कालसी के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया। मालूम हो कि इंदिरा कॉलोनी कालसी और कालसी बाजार में रहने वाले दोनों लोग हाल ही में ओमान और इंग्लैंड से वापस लौटे थे। तहसीलदार एसी उनियाल ने बताया कि स्थानीय लोगों में संक्रमण को लेकर खासा भय था। ऐसे में विदेश से लौटे दोनों लोगों को सोमवार देर रात आइसोलबेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। दोनों लोग पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य विभाग दोनों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी पूरी तरह से बंद कर दिया है। बोर्ड के देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय में भी 90 प्रतिशत स्टाफ को छुट्टी दे दी गई है। सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने बताया कि सीबीएसई दिल्ली के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है। इसी क्रम में 10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 31 मार्च
तक के लिए स्थगित हैं।
- सीबीएसई दिल्ली के निर्देश पर मूल्यांकन का काम भी बंद किया जा चुका है। स्टाफ, शिक्षकों, छात्रों से घर के भीतर रहने की लगातार अपील की जा रही है। जिन छात्रों की बोर्ड परीक्षाएं बची हुई हैं, उन्हें भी घर पर रहकर और तैयारी करने को कहा जा रहा है। बोर्ड के रीजनल ऑफिस में केवल 10 प्रतिशत स्टाफ को ही रोटेशन में बुलाया जा रहा है।