फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना: जिम सेंटर, स्वीमिंग पूल और लच्छीवाला 31 मार्च तक बंद, अस्पतालों में मरीजों से मिलने पर रोक

Mon, 16 Mar 2020 07:47 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • देहरादून में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने के बाद डीएम ने जनता से अपील की 
  • लच्छीवाला और तितली पार्क भी 31 मार्च तक बंद
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना वायरस से बचाव के लिए देहरादून के जिम सेंटर और स्वीमिंग पूल 31 मार्च तक बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने इस बाबत आदेश जारी कर दिया है। सभी उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी (पुलिस) तथा स्वास्थ्य विभाग को इसका अनुपालन करवाने के आदेश जारी किए गए हैं। 

विज्ञापन

एचएनबी गढ़वाल विवि में भी 31 मार्च तक सभी कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कोरोना वायरस महामारी को लेकर दो हेल्प लाइन नंबर जारी किए हैं। ये नंबर 9999672238 और 9999672239 हैं। ये नंबर 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे।

अस्पतालों में मरीजों से मिलने पर रोक 
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों से मिलने पर रोक लगा दी है। अस्पतालों में भीड़भाड़ को कम करने के लिए सोमवार को शासन ने सभी जिलों को आदेश जारी किए हैं। 
विज्ञापन


सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती होने वाले मरीजों से मिलने के लिए समय तय होता है। इस दौरान तीमारदार मरीज से मुलाकात कर हालचाल पूछते हैं। कोरोना वायरस  से बचाव के लिए अस्पतालों में तीमारदारों के मरीज से मिलने पर रोक लगा दी है। हालांकि मरीज के साथ परिवार का एक अटेंडेंट साथ रहेगा। सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती मरीज से मिलने के लिए शाम चार से छह बजे समय निर्धारित है। जिससे वार्ड में मरीज से मिलने के लिए भीड़ बढ़ जाती है। 

प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को अस्पतालों में मरीजों से मिलने के समय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में भीड़ भाड़ कम होने से वायरस फैलने की संभावना कम रहेगी।

लच्छीवाला नेचर और तितली पार्क बंद 

कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए अब लच्छीवाला नेचर पार्क और तितली पार्क को भी 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है। कोरोना वायरस से लोगों का बचाव रखने के लिए पहले से ही ऐसे स्थान जहां लोग समूह में आते है। उनको प्रतिबंधित कर दिया गया है। 

गौरतलब है कि मार्च माह से ही दूसरे क्षेत्रों के पर्यटकों का जमावड़ा लच्छीवाला नेचर पार्क में होने लगता है। परीक्षाओं की अवधि समाप्त होने के बाद पर्यटक काफी संख्या में लच्छीवाला नेचर पार्क पहुंचते है। कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर वन विभाग ने इसे बंद करने का ऐलान किया है।

मंगलवार से किसी भी पर्यटक को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वन क्षेत्राधिकारी लच्छीवाला घनांनद उनियाल ने बताया कि नेचर पार्क में एकसाथ काफी लोग एकत्रित न हो सके। इसके लिए एहतियात के तौर पर बंद किया जा रहा है। 

चिड़ियाघर 31 तक पर्यटकों के लिए बंद
कोरोना वायरस के मद्देनजर दून चिड़ियाघर पर्यटकों के लिए 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। वन संरक्षक एवं चिड़ियाघर निदेशक पीके पात्रो की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

निदेशक पीके पात्रो के अनुसार दून चिड़ियाघर में प्रतिदिन औसतन 1500 से 2000 पर्यटक भ्रमण करने आते हैं। इसमें कई विदेशी पर्यटक भी शामिल होते हैं। ऐसे में अब जबकि कोरोना वायरस का गंभीर खतरा मंडरा रहा है तो पर्यटकों व चिड़ियाघर कर्मचारियों की सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल चिड़ियाघर को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। 

एफआरआई गेट से बैरंग लौटे पर्यटक
वन अनुसंधान संस्थान का भ्रमण करने पहुंचे सैकड़ाें पर्यटकों को सोमवार को संस्थान के गेट से बैरंग लौटना पड़ा। संस्थान निदेशक की ओर से कोरोना वायरस के मद्देनजर पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगाए जाने के बाद पर्यटकों को लौटना पड़ा। सुरक्षाकर्मियों ने सभी पर्यटकों को कोरोना वायरस का हवाला देकर लौटा दिया। 

यहां करें शिकायत
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मास्क और सैनेटाइजर के अवैध भंडारण को प्रतिबंधित कर दिया गया है। जो भी इसके अवैध भंडारण और कालाबाजारी में लिप्त मिलेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति मास्क और सैनेटाइजर की कालाबाजारी करता है तो लोग उसकी सूचना आपदा प्रबंधन के टोल फ्री नंबर 1077 तथा 7534 826066 पर दे सकते हैं।            

विश्वविद्यालय और कोचिंग सेंटर बंद

प्रदेश में कोरोना का एक मरीज सामने आने पर जिला प्रशासन और विश्वविद्यालयों के स्तर पर बड़े पैमाने पर बंदी कर दी गई है। विश्वविद्यालयों ने बंद के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं, जिलाधिकारी ने भी सभी कोचिंग संस्थानों को तत्काल बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

एसजीआरआर यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. उदय सिंह रावत ने बताया कि एहतियातन के तौर पर 31 मार्च तक एसजीआरआर विश्वविद्यालय और इससे जुड़े सभी सात कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। अगले आदेश तक न केवल छात्र बल्कि कोई भी शिक्षक या कर्मचारी इन संस्थानों में प्रवेश नहीं करेगा।

दून विश्वविद्यालय ने भी रविवार को बंदी के आदेश जारी कर दिए हैं। विवि के कुलसचिव डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल ने बताया कि सभी तरह की कक्षाएं 31 मार्च तक बंद कर दी गई हैं। इसके अलावा सोमवार से विवि के सभी हॉस्टल भी बंद कर दिए जाएंगे।

23 मार्च से शुरू होने जा रही मिड टर्म परीक्षाएं भी फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं। इनकी नई तिथियां बाद में जारी की जाएंगी। विवि में 31 मार्च तक कोई भी सेमिनार, वर्कशॉप या कांफ्रेंस आयोजित नहीं की जाएगी। हालांकि यहां सभी टीचिंग और नोन टीचिंग स्टाफ की एंट्री खुली रखी गई है। ग्राफिक एरा विवि ने भी बंद के आदेश जारी कर दिए हैं।

डीएम ने बंद किए कोचिंग संस्थान
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने रविवार को जिले के सभी कोचिंग संस्थान 31 मार्च तक बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि आदेश के बावजूद अगर कोई कोचिंग संस्थान खुला पाया गया तो सीधे कार्रवाई की जाएगी। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

जनता से कोरोना से न डरने और सतर्क रहने की अपील
देहरादून राजधानी में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने जनता से कोरोना से न डरने और सतर्क रहने की अपील की है। वहीं जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति भयभीत ना हो।

सभी लोग इस बीमारी से निपटने के लिए सतर्क और जागरूक रहें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कम से कम आवागमन करें। बेवजह यात्रा से बचें। समय-समय पर अपने हाथों को साबुन से धोते रहें। वहीं देहरादून का गांधी पार्क बंद कर दिया गया है। राजधानी में पार्षद अपने-अपने क्षेत्राें में मास्क बांटने का अभियान चला रहे हैं।
विज्ञापन

सैंपल जांच में लग रहा तीन से चार दिन का समय

प्रदेश में एक मात्र हल्द्वानी मेडिकल कालेज में कोरोना वायरस संक्रमण के सैंपल जांच की सुविधा है। जिससे सैंपल की जांच रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन का समय लग रहा है। अब सरकार ने एम्स ऋषिकेश में भी सैंपल जांच की सुविधा के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। 

बता दें कि दून मेडिकल कालेज और एम्स ऋषिकेश में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाने पर सैंपल कलेक्शन करने की सुविधा है। प्रदेश भर से अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से 30 से अधिक सैंपल जांच के लिए हल्द्वानी मेडिकल कालेज को भेजे गए थे। इसमें 24 सैंपलों की रिपोर्ट आ गई है। जिसमें 23 मामलों में वायरस का संक्रमण नहीं मिला है। जबकि एक मामले में कोरोना की पुष्टि हुई है। अब सरकार ने सैंपल जांच केंद्र और कलेक्शन सेंटर बढ़ाने केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। 

प्रदेश में हर जगह सैंपल जांच और कलेक्शन सेंटर नहीं खोले जा सकते हैं। हल्द्वानी मेडिकल कालेज में कोरोना वायरस के सैंपल की जांच कराई जा रही है। जरूरत पड़ने पर सैंपल जांच और कलेक्शन सेंटर बढ़ाए जाएंगे। एम्स ऋषिकेश में सैंपल जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है।
-डॉ. पंकज कुमार पांडेय, प्रभारी सचिव स्वास्थ्य

दफ्तरों में बैठकों और समारोह पर रोक लगी

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सरकारी दफ्तरों में बैठकें करने और विदाई या अन्य समारोह आयोजित करने पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ.पंकज कुमार पांडेय ने एडवाइजरी जारी की है, जिसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठकें करने का सुझाव दिया गया है।

सभी अपर मुख्य सचिवों, सचिवों व सभी कार्यालयाध्यक्षों को जारी एडवाइजरी में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि दफ्तरों को साफ रखा जाए। बैठकों या समारोह के आयोजन टाल दिए जाएं। मुमकिन हो तो वीडियो कांफ्रेंस से मीटिंग की जाए।

खांसी, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ के लक्षण वाले कर्मचारियों को दफ्तर न आने देने या संभव हो तो उनसे घर से ही काम लेने की अनुमति दी जाए। दफ्तर में कर्मचारी हाथ मिलाने से परहेज करें। दफ्तरों के सभी वाशरूम में साबुन, हैंड वाश व सैनेटाइजर का इस्तेमाल किया जाए। बार-बार छूने वाली सतहों को संक्रमण से बचाने उसकी नियमित सफाई की जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें