कोरोना टीकाकरण के लिए बनाए गए प्रत्येक सेंटर पर पांच स्वास्थ्य कर्मी तैनात रहे। जिस हेल्थ वर्कर को टीका लगाना है, उसके मोबाइल पर सेंटर का नाम और टीका लगाने का मैसेज किया गया। सेंटर पर सबसे पहले सुरक्षा अधिकारी की ओर से हेल्थ वर्करों के नाम का सत्यापन किया गया। जिसके बाद सेंटर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
जिसके हेल्थ वर्कर के आधार नंबर या अन्य आईडी से सत्यापन किया। जिसके वेटिंग रूम में बैठाया जाएगा। वैक्सीनेटर रूम में जाने से पहले कोविन पोर्टल पर पंजीकरण कर टीका लगाया जाएगा। जिसके बाद आधे घंटे तक निगरानी रूम में रहना होगा। वैक्सीन से प्रतिकूल प्रभाव पड़ने पर वैक्सीनेटर अधिकारी तत्काल जांच करेगी।
प्रदेश में कोरोना टीकाकरण के लिए चार सौ से अधिक सेंटरों पर तैयारी पूरी है लेकिन 16 जनवरी को टीकाकरण शुभारंभ के पूरे प्रदेश में 41 सेंटर का चयन किया गया। केंद्र से कितनी वैक्सीन डोज प्रदेश को मिलती है। अभी यह तय नहीं है। वैक्सीन की उपलब्धता पर तीन दिन के भीतर पहले चरण में 87 हजार से अधिक हेल्थ वर्करों को टीका लगाने का काम पूरा कर देंगे।
- डॉ. पंकज कुमार पांडेय, प्रभारी सचिव, स्वास्थ्य