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Uttarakhand News : खटीमा में बनेगी उत्तराखंड की पहली मगरमच्छ सफारी, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

Sun, 10 Jan 2021 01:00 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal मो. यामीन अंसारी/खड़क सिंह गैड़ा, अमर उजाला, सितारगंज
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- फोटो : अमर उजाला (File Photo)
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मगरमच्छों के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यूपी सीमा से सटे खटीमा में उत्तराखंड की पहली मगरमच्छ सफारी बनाई जाएगी। वन विभाग ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और डब्ल्यूडब्ल्यूआई ने खटीमा स्थित ककराह नाले के मगरमच्छों पर अध्ययन के बाद इंटीग्रेटेड डेवलेपमेंट ऑफ वाइल्ड लाइफ हेबीटेट योजना के तहत भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा था। भारत सरकार ने प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति भी दे दी है, अब राज्य से स्वीकृति मिलने का इंतजार है। 

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उत्तराखंड के कुमाऊं में तराई का खटीमा क्षेत्र उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से लगा है। तराई पूर्वी वन प्रभाग की राज्य सीमा से सटी सुरई रेंज के ककराह नाले में मगरमच्छों की संख्या अधिक है। वन विभाग की गणना में खुलासा हुआ था कि नाले में करीब सौ से अधिक मगरमच्छ हैं।

इस पर वन विभाग की संस्था डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और डब्ल्यूडब्ल्यूआई ने इस नाले पर मगरमच्छों के संरक्षण को लेकर अध्ययन किया। इसके बाद अब वन विभाग इस नाले से सटे जंगल क्षेत्र को मगरमच्छ सफारी बनाने जा रहा है। विभाग की मानें तो मगरमच्छों के संरक्षण के लिए ककराह नाला मुफीद है।
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पर्यटन बढ़ेगा, विभाग के राजस्व में होगी वृद्धि

वन महकमा ककराह नाले के तट पर विचरण करते एवं गरम-ठंडी रेत पर लोटते मगरमच्छों का नजारा आम दर्शकों एवं पर्यावरण प्रेमियों को दिखाना चाहता है। विभाग का मानना है कि मगरमच्छ सफारी बनने के बाद सैलानियों के यहां आने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और विभाग के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
 

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पर्यटकों के लिए बनेगा सुरक्षित ट्रैक

ककराह नाले पर तकरीबन एक किलोमीटर लंबे हिस्से को सफारी के लिए चिह्नित किया गया। इसके दोनों ओर तारबाड़ और दीवारें खड़ी की जाएंगी। सफारी का आनंद लेने के लिए आने वाले पर्यटकों को मगरमच्छों से कोई खतरा न हो और पर्यटकों की दूरी भी बनी रहे, इसके लिए सुरक्षित ट्रैक भी बनाया जाएगा।

तराई पूर्वी वन प्रभाग की सुरई रेंज के ककराह नाले पर मगरमच्छों की संख्या अधिक है, जिसे देखते हुए राज्य और भारत सरकार को सफारी निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा था। भारत सरकार से इसे सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। राज्य सरकार से मिलना बाकी है। उम्मीद है कि जल्द ही मगरमच्छ सफारी बनकर तैयार हो जाएगी। पिछले महीने डीएफओ के साथ ककराह नाले का निरीक्षण भी किया था।
-आईएफएस अभिमन्यु, प्रभारी रेंजर सितारगंज

डेढ़ से ढाई मीटर से भी अधिक लंबे हैं मगरमच्छ 

सुरई रेंज के कंपार्ट नौ के ककराह नाले में मगरमच्छों का कुनबा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां लगभग सौ से लेकर डेढ़ सौ तक की संख्या में मगरमच्छ स्वच्छंद विचरण करते हैं। ये मगरमच्छ डेढ़ से ढाई मीटर से भी अधिक लंबे तथा डेढ़ से दो क्विंटल वजन के बताए जाते हैं।

नाले में दो किमी तक रहते मगरमच्छ

वन क्षेत्राधिकारी सुरई रेंज सुधीर चौधरी बताते हैं कि ककराह नाले के लगभग दो किमी हिस्से में मगरमच्छ क्यों रहते हैं, इसके लिए वाइल्ड लाइफ की टीम इस नाले के पानी और आसपास की मिट्टी के नमूने ले चुकी है। वन सीमा के कंपार्ट नौ में ही मगरमच्छ पाए जाते हैं।
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