कोरोना वायरस के खतरे के बीच तीन सूत्री मांगों के समर्थन में धरना दे रहीं भोजनमाताओं ने शनिवार को अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। भोजनमाताओं ने मांग पूरी न होने पर दोबारा से आंदोलन शुरू करने की बात कही है।
मानदेय बढ़ोतरी, 65 वर्ष से अधिक की आयु पूर्ण कर चुकी भोजनमाताओं को भोजनमाता कोष से लाभान्वित कर सेवानिवृत्त किए जाने और अक्षय पात्र फाउंडेशन से आच्छादित स्कूलों में तैनात भोजनमाताओं को न निकाले जाने समेत तीन सूत्री मांगों के समर्थन में भोजनमाताएं बीते तीन माह से खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर रही थीं। प्रदेश अध्यक्ष ऊषा देवी ने कहा कि कोरोना पूरे देश में महामारी के रूप में फैल रहा है। खतरे से बचाव के मद्देनजर भोजनमाताओं ने आंदोलन को स्थगित करने का फैसला लिया है। महामारी का प्रकोप टलते ही भोजनमाताएं फिर से धरना-प्रदर्शन करेंगी।
इस मौके पर सुनीता, बिट्टो देवी, निर्मला खत्री, सुनीता रावत, उमा, चंपा, कांता, भोटो देवी, सोमा, बिरमा, सरिता, प्रमिला चौहान, सीमा, झूलो देवी, काजल गुप्ता, बबली, पूनम, चंद्रा, संसारवती, दीपा, इंद्रा, लक्ष्मी देवी, अंबिका, सुनीता पुंडीर, सुमन शर्मा, सिंधु गुप्ता, कुसुम, सुषमा, जना देवी, रेखा, बोटो देवी, कृष्णा, विनिता, लज्जा, बबीता, रक्षा, पूनम, सरला, सत्तो, नसीमा, प्यारो देवी, आशा, संजी, संजो, नीता, जगदीश गुप्ता, अरविंद शर्मा, कलम सिंह आदि मौजूद रहे।