देहरादून। कोरोना वायरस के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्धों की जांच में तेजी कर दी है। मंगलवार को पूरे जिले में 10 संदिग्धों के सैंपल लिए गए जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इसके अलावा सोमवार को देर शाम इंदिरा गांधी वन अकादमी के ट्रेनी आईएसएस अधिकारियों व उनके साथ रहने वाले कर्मचारियों के 26 नमूने लिए गए थे। स्वास्थ विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को ओएजीसी व एम्स ऋषिकेश में दो-दो, सेना अस्पताल में चार व इन्दिरेश अस्पताल में दो सैंपल लिए गए है। सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि देहरादून जिले में अब तक 63 संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। इसमें सिर्फ एक ट्रेनी आईएफएस अधिकारी में संक्रमण पाया गया है। जिसका दून अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि प्रयोगशाला में अब तक की गई जांच में 23 सैंपल निगेटिव पाए गए हैं। 39 की रिपोर्ट आना बाकी है। कोरोना वायरस को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों की जांच के लिए टीम तैनात की गई है। इसके अलावा दून समेत सभी सरकारी अस्पतालों और निजी अस्पतालों में विशेषज्ञों की टीम कोरोना वायरस के संदिग्धों की निगरानी कर रही है।
बगैर मास्क के इलाज कराने पहुंचे मरीजों को लौटाया
दून अस्पताल में मंगलवार को बगैर मास्क लगाए इलाज कराने पहुंचे दर्जनों मरीजों को डॉक्टरों की टीम ने लौटा दिया। डॉक्टरों ने सिर्फ मास्क पहने मरीजों की ही जांच की। विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना वायरस के चलते यह कदम उठाया गया है। दूसरी ओर राजकीय मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना का कहना है कि हालांकि ऐसा कोई आदेश नहीं जारी किया गया है, लेकिन संक्रमण का खतरा है। ऐसे में मरीजों व तीमारदारों को भी जागरूक होना होगा। यदि किसी मरीज के पास मास्क नहीं है तो वह रूमाल से या फिर महिला मरीज दुपट्टे और साड़ी के पल्लू से मुंह को ढककर अपनी जांच करा सकती है।