पुरोला में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार को एक साथ 84 लोगों की कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर स्थानीय प्रशासन ने यहां पांच कंटेनमेंट एवं एक माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है।
बुधवार को ब्लाक के सौंदाड़ी गांव में 23, पोरा में 29, मोल्टाड़ी में 18, ढकाणा में 4, छानिका में 5 एवं नगर के वार्ड नंबर तीन में 5 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने उक्त इलाकों के सभी मार्ग सील कर इन गांवों को कंटेनमेंट जोन व पुरोला नगर के वार्ड नंबर तीन जल संस्थान कार्यालय के समीप वाले क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है।
चिन्यालीसौड़ का वार्ड तीन कंटेनमेंट जोन घोषित
ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के मामलों के बाद नगर पालिका क्षेत्र में भी संक्रमण के मामले सामने आए हैं। वार्ड नंबर तीन सूलीढांग में 36 लोगों की कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर वार्ड को कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है।
कर्णप्रयाग: ‘कोरोना की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन जरूरी’
कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों से नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सहमे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार ने कोरोना संक्रमण को लेकर जो गाइडलाइन जारी की है वह पर्याप्त नहीं है। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए कठोर कदम उठाने की जरूरत है और इसके लिए लॉकडाउन लगाना जरूरी है।
सामाजिक कार्यकर्ता हरिकृष्ण भट्ट का कहना है कि सरकार को तुरंत लॉकडाउन लगा देना चाहिए और गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भेजकर टीकाकरण अभियान चलाना चाहिए। पूर्व प्रमुख और तोप गांव निवासी राजेंद्र सगोई ने कहा कि लॉकडाउन में देरी नहीं होनी चाहिए।
सरकार ने पहली लहर में खूब सख्ती की, लेकिन इस बार सब भगवान भरोसे छोड़ा है। कहा कि गांवों में टीकाकरण अभियान जल्द शुरू होना चाहिए। व्यापार संघ अध्यक्ष बृजेश बिष्ट और महामंत्री उमेश खंडूड़ी ने भी नगरों व गांवों में घर-घर जाकर टीकाकरण करने पर जोर दिया।
गोपेश्वर : गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने की मांग
भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट ने दशोली, जोशीमठ और पोखरी ब्लाक के गांव-गांव में वायरल से पीड़ित ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की मांग की। उन्होंने इस संबंध में डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि दशोली में मैठाणा, दुर्मी, पगना, पाणा, ईराणी, गौंणा, धारकुमाला, रोपा, टेढ़ा, खंसाल आदि गांवों में कई ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम को प्रभावित गांवों में भेजकर पीड़ितों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें निशुल्क दवाइयों का वितरण किया जाए।