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उत्तराखंड में कोरोना : देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा कोरोना संक्रमित, अस्पताल में भर्ती हुए

Wed, 05 May 2021 03:23 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

डॉक्टरों की सलाह पर वह अस्पताल में भर्ती हुए हैं। उन्होंने कहा कि विगत दिनों में उनके संपर्क में आने वाले अपना कोरोना जांच टेस्ट अवश्य करा लें।
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मेयर सुनील उनियाल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उनकी कोरोना जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया के जरिए दी है। उन्होंने कहा है कि वह स्वस्थ्य हैं। डॉक्टरों की सलाह पर वह अस्पताल में भर्ती हुए हैं। उन्होंने कहा कि विगत दिनों में उनके संपर्क में आने वाले अपना कोरोना जांच टेस्ट अवश्य करा लें।

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खाली बेड और दवाओं की उपलब्धता को लेकर झूठ बोल रहे हैं निजी अस्पताल

राजधानी देहरादून के कई निजी अस्पताल खाली बेड और दवाओं की उपलब्धता को लेकर झूठ बोल रहे हैं। कई अस्पताल बेड न होने की बात कहकर मरीजों को लौटा रहे हैं जबकि अन्य राज्यों के मरीजों को बेड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने नोडल अधिकारी को रोजाना वीडियो कॉल के जरिए जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।

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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नोडल अधिकारियों की बैठक लेते हुए डीएम ने अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग, आईसीयू बेड, ऑक्सीजन बेड, सामान्य बेड, रेमडेसिविर की स्थिति का विवरण रोजाना लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेड और रेमडेसिविर की उपलब्धता को लेकर झूठ बोलने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने सभी अस्पतालों को ऑक्सीजन की खपत और मांग का डाटा एनडीएफए पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।

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उन्होंने सभी फैसिलिटेटर अधिकारियों को अस्पतालों में भर्ती मरीजों का विवरण जांचने, आईसीयू बेड, ऑक्सीजन बेड, सामान्य बेड की उपलब्धता और कुल भर्ती मरीजों की संख्या, खाली बेड की संख्या जैसी जानकारियां लेने और वीडियो कॉल के माध्यम से जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों को रेमडेसिविर दी गई है, उनका भी विवरण लिया जाए।

उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल स्टोर संचालक कोविड-19 में इस्तेमाल हो रही दवाओं के स्टॉक की जानकारी रोजाना देंगे। उन्होंने सीएमओ को लैब संचालकों को सैंपल प्राप्त करने के 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर एंट्री कराने को कहा। साथ ही उन्होंने घर पर ऑक्सीजन सिलिंडर ले जाने वालों को हर हाल में 48 घंटे के भीतर खाली सिलिंडर वापस करने के निर्देश दिए ताकि अन्य लोगों को भी आपूर्ति की जा सके।

दून अस्पताल की ऑक्सीजन पाइप लाइन फटने की अफवाह से मचा हड़कंप

दून अस्पताल की ऑक्सीजन पाइप लाइन फटने की अफवाह से मंगलवार को हड़कंप मच गया। हॉस्पिटल स्टाफ और मरीजों के तीमारदार परेशान हो उठे। बाद में पूरी ऑक्सीजन लाइन की जांच की गई। इसमें किसी तरह का लीकेज नहीं मिला। इसके बाद स्टाफ और तीमारदारों ने राहत की सांस ली।

राजधानी के कोविड अस्पताल में मंगलवार को अफवाह फैल गई कि ऑक्सीजन पाइप लाइन लीक हो गई है। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। इससे तीमारदार भी परेशान होने लगे और अस्पताल कर्मचारियों से पूछताछ करने लगे। किसी ने इसकी सूचना पुलिस को भी दे दी। इस पर तुरंत पुलिसकर्मी भी पहुंच गए और तीमारदारों को शांत कराया।

इसी बीच अस्पताल के स्टाफ ने पूरी ऑक्सीजन लाइन की जांच की। इसमें किसी तरह का लीकेज नहीं मिला। हॉस्पिटल स्टाफ ने कहा कि ऑक्सीजन आपूर्ति में किसी तरह की दिक्कत नहीं है। अफवाह के कारण काफी देर तक स्टाफ और तीमारदारों को परेशान रहना पड़ा।

कोरोना की दूसरी लहर में उपनल ने प्रायोजित किए तीन हजार लोग

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उपनल ने करीब तीन हजार लोग प्रायोजित किए हैं। इनमें से ज्यादातर स्वास्थ्य सेवाओं में अपना योगदान दे रहे हैं। इसके अलावा भी सेवानिवृत्त स्वास्थ्यकर्मियों से आवेदन मांगे गए हैं।

प्रदेश में हजारों उपनल कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हुए हैं। अकेले देहरादून जिले में करीब एक हजार कर्मचारी हैं, जो विभिन्न अस्पतालों व मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, पिछले करीब 20 दिनों में उपनल ने तीन हजार से ज्यादा लोगों को प्रायोजित किया है।

उपनल के एमडी ब्रिगेडियर पीपीएस पाहवा ने बताया कि कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों में तुरंत प्रशिक्षित और अनुभवी स्टाफ की जरूरत है, जिसको देखते हुए सेवानिवृत्त कर्मियों के अनुभवों का लाभ लेने का फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि मेडिकल इमरजेंसी को देखते हुए कई प्रशिक्षित गैर सैन्य पृष्ठभूमि के लोगों को भी प्रायोजित किया गया है। इन सभी से छह से 11 माह तक का अनुबंध है।
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सीधे जिलों को भेजे जा रहे लोग

ब्रिगेडियर पाहवा ने बताया कि कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों और अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ की जरूरत को देखते हुए लोगों को सीधे संबंधित जिले में भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी जिलाधिकारियों और सीएमओ को प्रशिक्षितों की सूची भेजी गई है ताकि वह अपनी जरूरत के हिसाब से कर्मचारियों से काम ले सकें। पहले कर्मचारियों को दून बुलाने की व्यवस्था थी, जिसे फिलहाल टाल दिया गया है।

इस वक्त मेडिकल इमरजेंसी के जैसे हालात हैं। इसलिए जल्दी से जल्दी अस्पतालों में मानव संसाधन बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इसमें उपनल अपना पूरा सहयोग दे रहा है। हमारे पास हर जिले के प्रशिक्षितों का ब्योरा है, जो प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराया जा रहा है।
- ब्रिगेडियर पीपीएस पाहवा, एमडी, उपनल

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