-कपाट खुलने के बाद देवस्थान सुबह सात से शाम बजे तक खुले रहेंगे।
-थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन जरूरी होगा।
-बिना लक्षण वालों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
-फेस मास्क पहना जरूरी, सामाजिक दूरी के नियम का पालन करना होगा।
-गर्भ गृह में केवल रावल, पुजारी और संबंधित व्यक्ति ही जाएंगे।
-मूर्तियों, घंटियों, प्रतिरूपों, ग्रंथों आदि को छूने की अनुमति नहीं।
-मंदिरों में न प्रसाद बंटेगा और न ही टीका लगाया जाएगा।
-देवस्थान में एक ही मैट, चादर आदि का उपयोग बार-बार नहीं होगा।
यमुनोत्री - 14 मई
गंगोत्री - 15 मई
केदारनाथ - 17 मई
बदरीनाथ - 18 मई
चार धाम के लिए स्थानीय लोगों को सीमित संख्या में नियमों का पालन करते हुए अनुमति दी जानी चाहिए। एसओपी जारी हो गई, लेकिन संबंधित पक्षों से राय तक नहीं ली गई। रावल सहित अन्य पक्षों के लिए आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट जरूरी है तो अन्य लोगों को भी रिपोर्ट के आधार पर अनुमति दी जा सकती है।
- हरीश डिमरी, महासचिव, चार धाम तीर्थ पुरोहित हकूकधारी महापंचायत