बैंड बाजार पूरी तरह से मलबे से भर गया है। यहां कई वाहन भी मलबे में दबे हैं। सहकारी बैंक शाखा से होते हुए मलबा बाजार में फैल गया। यहां भी कई वाहन और घर मलबे में दब गए हैं।
स्थानीय निवासी मथुरा प्रसाद त्रिपाठी का नवनिर्मित भवन भी मलबे से क्षतिग्रस्त हो गया है। बलभद्र मैंदोली, भवानी दत्त गौड़, कुलानंद मैंदोली, रामेश्वर प्रसाद मैंदोली, दौलत सिंह नेगी, मुखर्ल्या सिंह राणा, सुंदरमणि जोशी, शबर सिंह रावत, खिलापी राम, बचन सिंह सहित कई मकानों में मलबा घुस गया है। लक्ष्मी मार्केट में भी कई मकान और दुकानें मलबे में दब गई हैं। घाट-बांजबगड़, घाट-भेंटी और घाट-उस्तोली सड़कों पर टनों मलबा भर जाने से बाधित हो गई हैं।
वहीं, भारी बारिश के चलते बरसाती गदेरे भी उफान पर बह रहे हैं, जिससे चुफलागाड़ नदी का जल स्तर बढ़ गया है। तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि बिनसर पहाड़ी की तलहटी में तीन जगहों पर बादल फटने की घटना हुई है। एसडीआरएफ, पुलिस टीम और तहसील की आपदा प्रबंधन की टीम रेस्क्यू में लगी हुई है। घटना में कोई मानव क्षति नहीं हुई है। दुकानों और वाहनों को नुकसान हुआ है।
सीएम ने घाट में प्रभावित परिवारों को मदद के निर्देश दिए
चमोली जिले के घाट में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जिलाधिकारी चमोली को फोन कर प्रभावितों तक तुरंत राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित इलाज और बेघर हुए लोगों के भोजन व रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को हुए नुकसान का आंकलन करते हुए प्रभावितों को अनुमन्य सहायता राशि अविलंब उपलब्ध कराई जाए।