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Corona in Uttarakhand: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत कोरोना संक्रमित, विधानसभा अध्यक्ष आइसोलेट

Sat, 29 Aug 2020 09:12 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत - फोटो : Bansidhar Bhagat / Facebook Page
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उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

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Corona in Uttarakhand: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के बेटे भी संक्रमित, तीन दिन से आ रहा था बुखार

उन्होंने पिछले सप्ताह उनके संपर्क में आए सभी पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से कोरोना टेस्ट करवाने की अपील भी की है। शुक्रवार को बंशीधर भगत के बेटे की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। प्रदेश अध्यक्ष के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद बलबीर रोड स्थित प्रदेश कार्यालय को भी सील कर दिया गया है।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने खुद को आइसोलेट कर लिया है। पार्टी के दोनों प्रदेश महामंत्रियों के भी सेल्फ क्वारंटीन होने की सूचना है। पार्टी ने प्रदेश कार्यालय को दो दिन के लिए बंद कर दिया है।

उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के बेटे विकास भगत भी कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं। सूत्रों के अनुसार, विकास भगत को तीन दिन से बुखार था। शुक्रवार को उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में प्राइवेट रूम में भर्ती किया गया।

मेयर, कनिष्ठ उप प्रमुख समेत कई नेता क्वारंटीन

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर मेयर जोगेंद्र सिंह रौतेला, कनिष्ठ उप प्रमुख श्रीकांत पांडे समेत कई भजपा नेता क्वारंटीन हो गए हैं। देहरादून में 21 अगस्त को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के यमुना कालोनी स्थित आवास में एक कार्यक्रम रखा गया था।

इस कार्यक्रम में नैनीताल जिले से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। इसमें मेयर, कनिष्ठ उप प्रमुख समेत कई जन प्रतिनिधि और नेता शामिल थे। मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला और भाजपा के पूर्व कुमाऊं मीडिया प्रभारी तरुण बंसल ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के पॉजिटिव आने की सूचना मिली तो एहतियातन क्वारंटीन हो गए हैं।

गृह प्रवेश की पार्टी में शामिल लोगों में चिंता

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत व उनके बेटे की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन सभी लोगों में चिंता है जो उनके गृह प्रवेश की पार्टी में शामिल हुए थे।

भगत ने 21 अगस्त को यमुना कालोनी स्थित सरकारी आवास में गृह प्रवेश पर सहभोज का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में उनके बेटे भी थे। हालांकि कहा जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया था। सभी अतिथि आयोजन में मास्क लगाकर पहुंचे थे।

कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सरकार के कुछ मंत्री और पत्रकार भी मौजूद थे। इतना ही नहीं राष्ट्रीय महामंत्री संगठन शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार, पार्टी के प्रदेश महामंत्री, प्रदेश मीडिया प्रभारी व कई अन्य नेताओं ने कार्यक्रम में शिरकत की थी।

इसके बाद भगत ने 24 अगस्त को मीडिया कर्मियों को सहभोज के लिए आमंत्रित किया था। इसी आयोजन के दौरान उन्होंने विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन की पार्टी में वापसी कराई थी।

छेड़छाड़ का आरोपी निकला कोरोना पॉजिटिव

नाबालिग से छेड़छाड़ करने वाला कथित डॉक्टर कोरोना संक्रमित पाया गया है। पुलिस के अनुसार उसे पूरे एहतियात के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद कोर्ट ले जाने से पहले हुए रैपिड टेस्ट में संक्रमित होने की पुष्टि हुई। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जहां उसे आईसोलेशन सेंटर में रखा गया है। 

आरोपी के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि सीओ मसूरी नरेंद्र पंत ने की है। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को प्रेमनगर क्षेत्र में एक किशोरी अपने भाई के साथ दवाई लेने गई थी। वहां से उसका भाई तो सामान लेने के लिए चला गया, लेकिन वह मेडिकल स्टोर में अंदर चली गई।

वहां लगभग 70 वर्षीय बुजुर्ग, जो अपने बेटे के मेडिकल स्टोर पर खुद को डॉक्टर बताता था, ने किशोरी से छेड़छाड़ की। किशोरी ने यह बात अपने भाई को और उसने परिजनों को बताई। परिजनों की शिकायत पर बुजुर्ग के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।
 
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हॉस्पिटल फोबिया से बचने के लिए जाएं कॉविड केयर सेंटर

कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह है कि अगर उनमें कोरोना के लक्षण नहीं है या कोरोना का संक्रमण कम है तो वह हॉस्पिटल फोबिया से बचने के लिए अस्पताल जाने के बजाय सरकार द्वारा बनाए गए कोविड केयर सेंटर में भर्ती होने को प्राथमिकता दें।

इससे जहां अनावश्यक अस्पताल में होने वाला दबाव कम हो सकेगा। वहीं, कोविड केयर सेंटर में उन्हें बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध की जा रही हैं। जिस तरह से समय बढ़ता जा रहा है जिले में कोरोना मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ती जा रही है। 

शहर के एकमात्र सबसे बड़े कोविड अस्पताल में तब्दील किए गए एकमात्र राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में बड़ी संख्या में एंटीजन टेस्ट और आरटीएफसीआर टेस्ट होने की वजह से मरीजों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। परेशान मरीज दून अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं।

जबकि अब दून अस्पताल की क्षमता भी जवाब देने लगी है। इससे गंभीर मरीजों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। एक बात यह भी सामने आई है कि अस्पताल में रहकर मरीज ज्यादा परेशानी महसूस कर रहे हैं। 

टैगोर विला स्थित मनोरोग क्लीनिक के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. नंदकिशोर ने बताया कि डॉक्टर या अस्पताल को लेकर सामान्य तौर पर भी मानसिक रूप से इंसान के दिमाग में कई बार उलझन की स्थिति हो जाती है। कोरोना होने पर यह और परेशान कर सकता है। ऐसे में सरकार द्वारा बनाए गए कोविड केयर सेंटर जहां पर डॉक्टरों की तैनाती भी है, वहां पर भर्ती होना चाहिए। निश्चित तौर पर हॉस्पिटल फोबिया से बचते हुए उन्हें वहां पर सुकून भी महसूस होगा। 
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