मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने कार्यालय में ई ऑफिस प्रणाली से फाइलें निपटानी शुरू कर दी हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने नई प्रणाली के माध्यम से चार फाइलों का निपटारा किया। इनमें देहरादून में स्थापित होने वाले शहीद स्मारक, खेरासैंण में सामुदायिक बरात घर का निर्माण, त्यूणी में फायर यूनिट की स्थापना और स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सकों से संबंधित फाइलें शामिल हैं।
बता दें कि प्रदेश में 21 जनवरी 2020 को ई-ऑफिस प्रणाली शुरू हुई थी। इस प्रणाली से एक वर्ष में 4621 फाइलों का निपटारा हुआ। बृहस्पतिवार को ही सचिवालय में 26 फाइलें निपटाई गईं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-आफिस प्रणाली से सचिवालय के कार्य प्रभावी और पारदर्शी ढंग से होंगे और जवाबदेही भी सुनिश्चित हो सकेगी।
फाइलों के निपटारे में तेजी आएगी। उच्च स्तर पर प्रभावी समीक्षा भी की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इससे महत्वपूर्ण विषयों के ऑनलाइन होने से कार्यों में शीघ्रता व पारदर्शिता आएगी।
प्रदेश में कोविड-19 टीकाकरण अभियान के चौथे दिन बृहस्पतिवार को 2087 स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगवाई गई। चार दिनों में 8206 कर्मचारियों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 13 जिलों के 34 बूथों पर टीकाकरण सफल रहा है।
प्रदेश में पहले चरण का कोरोना टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू किया गया। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य में 34 बूथों पर ही स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगवाई जा रही है। चौथे दिन पूरे प्रदेश में 2087 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई। प्रत्येक बूथ पर एक दिन में 100 स्वास्थ्य कर्मियों को वैकसीन लगाने का लक्ष्य है।
केंद्र की ओर से वैक्सीन लगवाने के लिए मोबाइल पर मैसेज की अनिवार्यता में छूट दी गई। इसके बावजूद भी वैक्सीन लगवाने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पहले चरण में वैकसीन लगाने के लिए छह माह का समय है। चार दिनों में 8206 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
राज्य कोविड कंट्रोल रूम के चीफ ऑपरेटिंग आफिसर डॉ. अभिषेक त्रिपाठी का कहना है कि प्रदेश में कोरोना टीकाकरण सुचारु रूप से चल रहा है। जिन लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। उन्हें 28 दिनों के भीतर दूसरी डोज दी जाएगी।