कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सरकार ने संक्रमण से बच्चों के बचाव व उपचार के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश में जन्म से 18 आयु वर्ग के 38.49 लाख से अधिक बच्चों की इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक) क्षमता बढ़ाने के लिए माइक्रो न्यूट्रिएंट का वितरण किया जाएगा।
इसमें विटामिन ए, डी, सी और जिंक बच्चों को दी जाएगी। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर बच्चों को माइक्रो न्यूट्रिएंट का वितरण किया जाएगा। इसका वितरण करने से पहले जिला स्तर पर टेस्टिंग की प्रक्रिया चल रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के आयु वर्ग के हिसाब से माइक्रो न्यूट्रिएंट की डोज तय की है। विटामिन ए बार ही दी जाएगी, जबकि जिंक महीने में सात दिन लगातार दी जाएगी। विटामिन सी व डी की खुराक रोज दी जाएगी।
कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए बच्चों को माइक्रो न्यूट्रिएंट वितरित किया जाएगा। 10 अगस्त तक सभी सीएचसी, पीएचसी व उप स्वास्थ्य केंद्रों में मेडिसिन उपलब्ध करा दी जाएगी।
-डा. पंकज कुमार पांडेय, सचिव स्वास्थ्य
कोरोना से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान में केंद्र से नियमित रूप से वैक्सीन की आपूर्ति की जा रही है। बुधवार को 36 हजार टीके मिले, जबकि 470 केंद्रों पर 33882 लोगों को वैक्सीन लगाई गई।
राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह मर्तोलिया ने बताया कि प्रदेश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। 27 जुलाई को केंद्र से तीन लाख वैक्सीन की खेप राज्य को मिली थी, जबकि बुधवार को 36 हजार कोविशील्ड वैक्सीन और मिली है।
केंद्र से नियमित रूप से वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। बुधवार को पूरे प्रदेश में 470 केंद्रों पर 33882 लोगों को वैक्सीन की पहली व दूसरी डोज लगाई गई। अब तक 54 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।